राजस्थान में फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाकर युवती से दुष्कर्म का प्रयास

श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में एक ई-मित्र सेंटर संचालक द्वारा फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाकर युवती के साथ शादी करने का दबाव बनाने एवं दुष्कर्म करने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस के अनुसार अशोकनगर निवासी युवती ने मुकदमा दर्ज कर बताया कि पुरानी आबादी में ई-मित्र सेंटर का संचालक रामानंद उसका दूर का रिश्तेदार है। वह एक दो बार उसके सेंटर पर उसे मिलने के लिए गई थी। एक दिन रामानंद ने उससे कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके कुछ दिन बाद रामानंद उस पर दबाव डालने लगा कि वह उसके साथ शादी कर ले। उसके द्वारा इंकार करने पर रामानंद ने नगर परिषद से बनवाया हुआ एक विवाह प्रमाण पत्र दिखाया।

जिस पर दोनों की तस्वीर भी लगी हुई थी। युवती ने बताया कि एक बार वह सीजीआर मॉल में गई, जहां रामानंद उसे मिल गया। तब रामानंद ने दोनों की सेल्फी फोटो अपने मोबाइल से ली थी। इसी फोटो का दुरुपयोग कर और धोखे से कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाकर रामानंद ने नगर परिषद से उसका फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस पर गवाह के रूप में नरोत्तम, इंद्राजसिंह और राजेश मिश्रा नामक तीन व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं। पुलिस के अनुसार युवती ने आरोप लगाया है कि अब इस विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर रामानंद दबाव डाल रहा है कि वह उसके साथ शादी करें।

एक बार रामानंद ने अपने ई-मित्र सेंटर में अंदर से दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास भी किया। पुलिस के मुताबिक रामानंद पीड़ित युवती की भाभी का भाई है। पुलिस ने रामानंद के विरुद्ध जालसाजी धोखाधड़ी और दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper