राज्यपाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 51वीं पुण्यतिथि पर स्टेशन रोड स्थित केकेसी कॉलेज के समक्ष दीनदयाल वाटिका स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल ने समाजवाद एवं पूंजीवाद की विचारधारा के समय भारतीय जीवन दर्शन के लिए एकात्म मानववाद का विचार प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने बताया कि कार्यकर्ता के रूप में मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के विचार सुनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

नाईक ने कहा कि पंडित जी का दर्शन आज भी उन्हें प्रेरणा देता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक सच्चे कर्मयोगी थे जो निरन्तर कार्य करते हुये दूसरों को प्रेरणा देते थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल ने प्रदूषित भारतीय राजनीति में परिवर्तन लाने का कार्य किया, उनके विचार अमर हैं।

राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वस्थ लोकतंत्र के लिये मतदान को आवश्यक मानते थे। पंडित जी का आग्रह होता था कि सभी मतदाता अपना पंजीकरण कराये। राज्यपाल ने आह्वान करते हुये कहा कि देश में लोकसभा चुनाव होने हैं, इसलिए जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है वे अपना नाम दर्ज करायें तथा अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं शुचितापूर्ण राजनीति पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

राज्यपाल ने गत 25 जनवरी को आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस के कार्यक्रम की चर्चा करते हुये कहा कि वे लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत वाले लोकसभा क्षेत्र एवं विधान सभा क्षेत्र सहित सर्वाधिक मतदान प्रतिशत वाले वार्ड एवं बूथ से जुड़े विजयी प्रत्याशी, रिटर्निंग अफसर तथा अन्य लोगों को राजभवन में सम्मानित करेंगे। चयन का आधार चुनाव के आकड़े न होकर मतदान प्रतिशत होगा, क्योंकि कुछ लोकसभा क्षेत्र छोटे हैं तो कुछ बड़े।

राज्यपाल ने बताया कि इससे पूर्व विधान सभा चुनाव एवं नगरीय निकाय चुनाव में सर्वाधिक मतदान वाले केन्द्रों से जुड़े व्यक्तियों को राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया है।

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