राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा निर्भया का दरिंदा, चला नया पैंतरा

नई दिल्ली: साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप के एक दोषी मुकेश कुमार ने आज खुद को फांसी के फंदे से बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। मुकेश ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उसकी दया याचिका को खारिज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनाैती दी है। उक्त जानकारी मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने दी है। वहीं, गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका खारिज होने के बाद अब फाइल दिल्ली सरकार के पास भेज दी है।

मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजने के साथ उसे खारिज करने की भी सिफारिश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से की गई थी। इस पर अमल करते हुए राष्ट्रपति की ओर यह याचिका खारिज की गई है। इससे पहले दिल्ली सरकार की ओर याचिका खारिज करने की अपील करते हुए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा गया था।

इसी बीच आज निर्भया गैंग रेप केस में पटियाला हाउस कोर्ट में आज दो दोषियों की याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें दोषियों के वकील ने तिहाड़ जेल से दया याचिका दाखिल करने के लिए जरूरी कागजात देने की मांग कोर्ट से की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।

निर्भया गैंगरेप केस में सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दोषियों के वकील द्वारा मांगे गए सभी संबंधित दस्तावेज उन्हें पहले ही मुहैया करा दिए हैं। दोषी देरी करने की तरकीब अपना रहे हैं। वहीं, दोषी विनय शर्मा के वकील ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल को धीमा जहर दिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं दी जा रही।

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