रुकसाना हत्याकाण्ड: उधारी डकारने के लिए की थी महिला की हत्या

लखनऊ: सआदतगंज पुलिस ने कमरुनिशा उर्फ रुकसाना की मौत के मामले में ब्यूटी पार्लर संचालिका निलोफर उर्फ नीलो व सैफ उर्फ सैफू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने नवम्बर 2017 में खाने में चूहा मार दवा मिलाकर रुकसाना को खिलाकर मार दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। एफएसएल रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि रुकसाना को जहर देकर मारा गया था। पड़ताल में सामने आया कि आरोपितों ने लाखों की उधारी डकारने के लिए रुकसाना की हत्या की थी। पुलिस उक्त हत्याकाण्ड में तीसरे आरोपित दानिश की तलाश कर रही है।सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने बताया वजीरबाग की रहने वाली कमरुनिशा उर्फ रुकसाना का पति अशफाक खाड़ी देश में व्यापार करता था। वह यहां अकेले रहती थी।

बीते 7 नवम्बर को रुकसाना का शव उसके घर में बिस्तर पर मिला था। शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। घर में रखे पचास हजार रुपये भी गायब थे। मृतका की बहन नजमी ने हत्याकर लूट की आशंका जाहिर की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया। उधर, नजमी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस अफसरों के चक्कर लगाती रही। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर फरवरी में नजमी की तहरीर पर निलोफर उर्फ नीलो, सैफू उर्फ सैफ व दानिश के खिलाफ लूट, हत्या समेत गंभीर धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज की गयी।

इंस्पेक्टर सआदतगंज नीरज ओझा ने बताया किपड़ताल के दौरान पता चला कि पति गुड्डू काफी पहले निलोफर को छोड़ चुका है। मौज्जमनगर में सानिया ब्यूटी पार्लर चलाने वाली निलोफर वजीरबाग चरही में रहती है। वह सैफू को करीबी रिश्तेदार बताकर साथ में रहती है। सैफू सआदतगंज के राधे का खेत का रहने वाला है। करीब दस दिन पहले विसरा रिपोर्ट मिलने पर पुलिस को पता चला कि रुकसाना को खाने में चूहामार दवा देकर मारा गया था। पड़ताल के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने निलोफर उर्फ नीलो व सैफू को शुक्रवार सुबह दरगाह हजरत अब्बास के पास से गिरफ्तार कर लिया।

निलोफर ने कबूला कि वह जानती थी कि रुकसाना का पति दुबई में नौकरी करता है। वह हर माह उसे मोटी रकम भेजता था। इस पर निलोफर ने पहले रुकसाना से दोस्ती की और फिर उसने रुकसाना को अपने करीबी रिश्तेदार सैफू व दानिश से मिलाया। इसके बाद निलोफर ने कभी व्यवसाय तो कभी बच्चों की फीस व अन्य जरूरत के नाम पर रुकसाना से लाखों रुपये उधार में लिये। इंस्पेक्टर ने बताया कि नवम्बर माह में रुकसाना ने निलोफर से कहा कि उसके पति अशफाक आने वाले हैं। वे रुपयों के बारे में पूछेंगे तो कुछ रकम वापस दे दो।

निलोफर जानती थी कि अगर उसने रुपये देने से मना किया तो विवाद होगा और यह बात सबको पता चल जाएगी। साजिश के तहत 7 नवम्बर को निलोफर, सैफू व दानिश वजीरबाग में रुकसाना के घर पहुंचे। उसकी तबीयत खराब देख निलोफर ने खाना मंगाने की बात कही। उसने कवाब-पराठे में चूहा मार दवा खिलाकर रुकसाना को खिला दिया गया था जिससे उसकी मौत हो गयी। इसके बाद कातिलों ने शव को बिस्तर पर रखा और आलमारी में रखे पचास हजार रुपये लूटकर भाग निकले थे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper