लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की किल्लत

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में इन दिनों दवाओं की किल्लत जारी है। अस्पतालों में डायजीन व काम्बीफिलेम जासी कामन दवाएं भी मरीजों को नहीं मिल रही है। डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में भी मल्टी विटामिन,डायजीन, काम्बीफिलेम, आई ड्राप व अन्य कामन दवाएं भी नहीं मिल रही हैं। इसका खामियाजा दूर दराज से आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में दवाएं न मिलने के कारण मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही है। यहां तक कि अस्पताल प्रशासन गरीब मरीजों को भी लोकल परचेज करने में भी आनाकानी कर रहे हैं।

लोहिया अस्पताल के निदेशक मेजर जनरल डा. डी.एस. नेगी का कहना है कि इस समय हमारे अस्पताल में कुछ दवाएं नहीं है लेकिन जल्द ही उनकी आपूर्ति हो जायेगी। यही हालत मुख्यमंत्री आवास से सटे सिविल अस्पताल की भी है। यहां पर भी दवाओं का स्टाक समाप्ति की कगार पर है।

बलरामपुर चिकित्सालय में जल्द दूर होगी दवाओं की किल्लत

लखनऊ के जिला अस्पताल बलरामपुर चिकित्सालय में जल्द ही दवाओं की किल्लत दूर होगी। अस्पताल प्रशासन ने दवा आपूर्ति कंपनियों की ढ़िलाई को देखते हुए सीधे बाजार से दवा खरीदने का निर्णय लिया है। इस समय अस्पताल में हालत यह है कि डायजीन व काम्बीफिलेम जैसी दवाएं भी समाप्त हो गयी हैं। नियमानुसार अस्पताल में कम से कम तीन महीने का दवाओं का स्टाक होना चाहिए। सामान्य दवाएं जहां समाप्त हो चुकी हैं। वहीं अन्य दवाओं की भी कमी है।

अस्पताल के निदेशक डा. राजीव लोचन ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि मार्च महीने में दवा कंपनियां जानबूझकर बदमाशी करती हैं। अस्पताल की तरफ से कई बार मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक दवा अस्पताल को नहीं मिल पायी है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को दवा आपूर्ति का टेंडर होता है वह अगर सप्लाई रोकती है तो दूसरी कंपनियां भी जल्दी से दवा सप्लाई नहीं करती हैं। डा. राजीव लोचन ने बताया कि एक दो दिन में जो दवाएं हमारे यहां नहीं हैं उनकी खरीद सीधे बाजार से कराई जायेगी।

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