लखनऊ में इस बार झूलेलाल वाटिका में लगेगा कतकी मेला

लखनऊ: कतिकी मेला इस बार झूलेलाल वाटिका में लगेगा। जिला प्रशासन व नगर निगम ने मेले के लिए स्थान चिह्नित किया है। गुरुवार से मेला शुरू होगा। पिछली बार गोमती किनारे मनकामेश्वर मंदिर के सामने यह मेला लगा था। लेकिन विवाद होने के बाद इस बार स्थान बदल दिया गया है। शहर में कतिकी मेला की प्राचीन मान्यता है। सबसे पुराना यह मेला पहले सूरज कुंड पार्क के सामने लगता था। यातायात की समस्या को देखते हुए पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने वहां पर मेला लगाने की अनुमति नहीं दी थी। कई दिनों की मशक्कत के बाद मनकामेश्वर मंदिर के सामने मेले का आयोजन हुआ था।

बिना किसी व्यवस्था के आनन-फानन में स्थान चिह्नित होने से अफरा-तफरी का माहौल था। दुकानदारों से लेकर ग्राहकों तक को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार भी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। मेले के आयोजन को आयोजकों के बीच विवाद सामने आ गया। दो समितियों की ओर से दावा किया गया। जिसके चलते जिला प्रशासन ने स्थान तय करने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी थी। नगर निगम ने गोमती किनारे झूलेलाल वाटिका स्थान चिह्नित करते मेला लगाने की अनुमति प्रदान कर दी है। मेले में हर दूर-दराज से व्यापारी माहभर के लिए दुकान लगाते पहुंचते हैं। ज्यादातर घरेलू उपयोग की हर छोटे-बड़े सामान मेले में उपलब्ध होती है। सूई-धागा, सिल-बट्टा, क्राकरी के सामान, लोहे व स्टील के बर्तन समेत हर जरूरी सामान मेले में उपलब्ध होती है।

इसमें शहर से लेकर गांव तक के लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले आदि कीी व्यवस्था होती है। स्थान तय होने से मेला आयोजकों व दुकानदारों को राहत मिली है। गुवार से दुकानें लगनी शुरू हो जाएंगी। मेला स्थल को चार भागों में बांटा गया है। ए व बी में छोटे दुकानदार, सी में बड़े दुकानदार व डी में झूले तथा अन्य दुकानें लगाने के लिए आरक्षित की गइर्ं हैं। दुकानदारों से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 45 दिन का शुल्क लिया जाएगा। जोनल अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया मेले के आयोजन को लेकर बुधवार को क्षेत्रीय पार्षद व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनायी गयी।

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