लता मंगेशकर को लेकर फैली अफवाह

मुम्बई: सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का कहना है कि उनकी रिटायरमेंट की खबरें फर्जी हैं और वह अपनी अंतिम सांस तक गाती रहेंगी. सोशल मीडिया पर लताजी का गाया हुआ मराठी गाना ‘अता विश्व्याछा कसां’ पोस्ट किया गया है, जिसका अर्थ है ‘अब आराम का समय है’. इस गाने को लता मंगेशकर की रिटायरमेंट से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे उनके प्रशंसकों में मायूसी है.

इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर ने एक खास बातचीत में कहा, “मुझे नहीं पता कि यह अफवाह किसने शुरू की और क्यों? मुझे यह किसी खाली बैठे बेवकूफ आदमी का काम लगता है. दो दिन पहले मुझे अचानक मेरी रिटायरमेंट को लेकर संदेश और फोन आने शुरू हो गए.”

लता मंगेशकर हैरान हैं कि ये खबरें कहां से आई. उन्होंने कहा, “मुझे पता चला कि मेरे मराठी गीतों में से एक ‘अता विश्व्याछा कसां’ को मेरे अलविदा कहने के गीत के रूप में देखा जा रह है, लेकिन मैंने पांच साल पहले उस गीत को गाया था! 2013 में, इस गीत को लेकर संगीत निर्देशक सलील कुलकर्णी मेरे पास आए. मैं इसे मुख्य रूप से गायन करने पर सहमत हुई क्योंकि यह प्रसिद्ध कवि बालकृष्ण भगवंत बोरकर ने लिखा था. मैंने कभी उनकी कविता नहीं गाई थी. मुझे क्या पता था कि पांच साल बाद शरारती दिमाग वाले लोग इसे मेरी रिटायरमेंट से जोड़ेंगे.”

लता मंगेशकर ने अपने प्रशंसकों को आश्वासन दिया कि उनकी रिटायरमेंट की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक गाती रहेंगी. आठ दशक से भी अधिक समय से हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 30 से ज्यादा भाषाओं में हजारों फिल्मी और गैर-फिल्मी गानों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेर चुकी हैं. लता ही एकमात्र ऐसी जीवित शख्सियत हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं. लता ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए गाना गाया. लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें ऊषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपना करियर चुना.

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