लापता गर्भवती का शव नदी में मिला, दहेज हत्या का मुकदमा

लखनऊ: लापता गर्भवती का शव गुरुवार को मड़ियांव के लोधमऊ गोमती नदी में मिला। ससुर ने तीन दिन पहले बीकेटी थाने में गुमशुदगी दर्ज करायी थी। वहीं, मायकेवालों ने पति पर हत्या कर शव गोमती में फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।मड़ियांव के रहीमनगर डुडौली निवासी राजेश कुमार ने बड़ी बेटी ऊषा प्रजापति (22) की शादी 27 जनवरी 2019 में बख्शी का तालाब के मदारीपुर के रहने वाले नन्द कुमार के बेटे अमित कुमार के साथ की थी। तीन दिन पहले अमित ने ससुर को फोन किया और कहा कि ऊषा बिना कुछ बताए घर से चली गयी है।

इस पर मायकेवालों ने भी तलाश शुरू की। नन्द कुमार ने बख्शी का तालाब थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी। पिता राजेश ने बताया कि गुरुवार दोपहर उनके मोबइल पर अंजान नम्बर से कॉल आयी। फोनकर्ता ने कहा कि ऊषा का शव गोमती नदी में मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह सुनते ही राजेश व अन्य घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लेकिन वहां कोई शव नहीं मिले। दर्जनों महिलाएं बख्शी का तालाब थाने पहुंची और कार्रवाई की मांग की।

पिता राजेश ने बताया कि ऊषा तीन माह की गर्भवती थी। आरोप है कि अमित ऊषा को चन्द्रिका देवी मंदिर ले गया था। वहां उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया और फिर ऊषा के गायब होने का ढोंग करने लगा। ससुराल वाले शुरुआत से ही ऊषा की तलाश चन्द्रिका देवी मंदिर व गोमती के आसपास करते रहे। पुलिस का कहना है कि शव मिलने की सूचना पर बीकेटी पुलिस व परिजन पहुंचे थे। पानी में कई दिन से शव होने के चलते बुरी तरह फूल गया है, परिजनों ने कपड़ों से पहचान की।

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