‘लालू लीला’ का हुआ लोकार्पण ,गडकरी ने कहा संदर्भ ग्रंथ के रूप में साबित होगी ‘लालू लीला’

दिल्ली ब्यूरो: पटना में आज लालू लीला की धूम रही। चारो तरफ लालू लीला की चर्चा हुयी। कुछ नेता मजा ले रहे थे तो कुछ तेवर दिखाते नजर आये। बीजेपी और जदयू के नेता लालू लीला पर मजाक कर रहे थे और ना जाने क्या क्या बोलने से नहीं चूक रहे थे लेकिन उधर राजद के लोग मौन धारण किये सब कुछ देख रहे थे। एक राजद नेता ने कहा ”चुनावी समय है न ,देखिये आगे क्या क्या होता। बीजेपी वालों को लालू अभी भी भयभीत किये हुए हैं। अब हम लोग भी कई लीला का बखान करने वाले हैं। कई लोग नंगे हो जाएंगे। राजद नेता ने मीटू कपेन का हवाला दिया। कहा इन्तजार कीजिये। बहुत मसाला है। ” आगे क्या होगा कोई नहीं जानता लेकिन लालू लीला से बिहार सराबोर है। लालू लीला को प्रखंड स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।

बता दें कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सह भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने ‘लालू लीला’ नामक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक का लोकार्पण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर स्थानीय विद्यापति भवन में आयोजित कार्यक्रम में लोकार्पण किया गया। सुशील मोदी की लिखी ‘लालू लीला’ पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है। इस मौके पर सुशील मोदी ने कहा कि लालू जी को 47 वर्षों से जानता हूं। वह सबसे ताकतवर नेता रहे हैं. आज वह अपने कारनामे के कारण ही जेल में बंद हैं। जेल जाने के बाद लालू प्रसाद ने कई घोटाले किये. वह 141 भू-खंड, 30 फ्लैट सहित कई मकान के मालिक बन गये।

बता दें कि सुशील मोदी की लिखी ‘लालू लीला’ पुस्तक में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा विधायक, पार्षद, सांसद और मंत्री बनाने के एवज में रघुनाथ झा, कांति सिंह जैसे कई नेताओं से जमीन-मकान दान में लिखवाये जाने का जिक्र है। साथ ही भ्रष्टाचार से कमाये गये काले धन को सफेद करने के लिए बीपीएल श्रेणी के ललन चौधरी, रेलवे के खलासी हृदयानंद चौधरी तथा भूमिहीन प्रभुनाथ यादव, चंद्रकांता देवी, सुभाष चौधरी आदि से नौकरी तथा ठेका या अन्य लाभ पहुंचाने के एवज में कीमती जमीन-मकान दान के जरिये हासिल किये जाने की भी बात होगी। पुस्तक में घटनाओं का जिक्र चित्र के साथ किया गया है।

पुस्तक में लालू परिवार ने बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए रिश्तेदारों को बनाये गये माध्यम का भी खुलासा किया गया है। भाई के समधियाने, अपनी ससुराल, बेटी की ससुराल के रिश्तेदारों के नाम से पहले अपने कालेधन से जमीन-मकान खरीदे और बाद में पत्नी, बेटों और बेटियों के नाम गिफ्ट करा लिये। ऐसे करीब दर्जनभर मामलों को पुस्तक में उजागर किया गया है. यही नहीं, लालू प्रसाद यादव ने मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल कर कैसे संपत्ति बनायी गयी, इसका भी उल्लेख इस पुस्तक में किया गया है।

पुस्तक के प्राक्कथन में केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लिखा है कि सुशील मोदी की पुस्तक लालू-लीला लालू परिवार के भ्रष्टाचार का जीवंत दस्तावेज है। केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामले के मंत्री अरुण जेटली ने पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि ‘लालू-लीला’ सार्वजनिक जीवन को भ्रष्टाचारमुक्त करने के सुशील मोदी के अथक संघर्ष का प्रामाणिक दस्तावेज है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी मानना है कि भविष्य के लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए ‘लालू-लीला’ एक संदर्भ ग्रंथ के रूप में उपयोगी साबित होगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
loading...
E-Paper