वन विभाग को भी है मानसून का बेसब्री से इंतजार

लखनऊ: आम जनता के साथ ही वन विभाग के लोग भी मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बार रिकार्ड ब्रेकिंग पौधरोपण अभियान की सफलता बरसात ही निर्धारित करेगी। मानसून आने में देरी को देखते हुए प्रदेश में बरसात होने के बाद ही वृक्षारोपण महाकुम्भ अभियान शुरू किया जाएगा। पौधरोपण के लायक बरसात होने के बाद ग्राम पंचायतों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि बरसात से पहले पौधों को नर्सरी से बाहर करने पर उनके खराब होने की संभावना रहती है। मानसून में देरी ने वन विभाग के आला अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है।

समय पर बरसात न होने के कारण द्वारा वन विभाग द्वारा चलाया जाने वाला वृक्षारोपण अभियान लेट हो सकता है। आमतौर पर राजधानी में 15 जून तक मानसून की बरसात शुरू हो जाती है। 30 जून तक प्रदेश में काफी बरसात होने के कारण जमीन नम होकर पौधरोपण योग्य हो जाती है। इसीलिए वन महोत्सव का कार्यक्रम एक जुलाई को आयोजित किया जाता है। एक जुलाई तक प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में जमीन नम होकर पौधरोपण के योग्य हो जाती है। इस साल के आलात अलग हैं। पौधरोपण के लिए चयनित किये गये अधिकतर स्थानों पर देर से बरसात होने की संभावना है। वृक्ष महाकुम्भ अभियान के अन्तर्गत वन विभाग द्वारा सभी विभागों के समन्वय व जन सहभागिता के एकजुट प्रयास से इस वर्ष 22 करोड़ पौधे रोपित किये जाने हैं। इस लक्ष्य के तीन चरण माइक्रोप्लान बनाना एवं इसमें प्रस्तावित प्रजातियों को पौधशाला में उगाने तथा किसानों को वृक्षारोपण की तकनीकी जानकारी देने का कार्य किया जा चुका है।

चौथे चरण में बरसात शुरू होते ही किसानों की मांग के अनुरूप पौधों को उनके गांव तक पहुंचाया जाएगा। मानसून लेट होने के कारण नर्सरियों से ग्राम पंचायतों को पौध पहुंचाने का कार्य फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस बाबत लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक के प्रवीण राव बताते हैं कि ठीक-ठाक बरसात होने के बाद ही नर्सरियों से पौधों के स्थानांतरण का कार्य शुरू किया जाएगा। पौधों के स्थानांतरण के समय मौसम का अनुकूल रहना बहुत जरूरी है क्योंकि नर्सरी से पौधे स्थानांतरित करने के बाद अधिक धूप होने की दशा में उनके खराब होने का संभावना बढ़ जाती है।

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