विकास दुबे मामले में योगी सरकार पर विपक्षी दल हमलावर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है. इधर, विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर आई और दूसरी तरफ से योगी सरकार और यूपी पुलिस पर विपक्षी दलों के हमले शुरू हो गए. एनकाउंटर की खबर के पहले आधे घंटे में ही अखिलेश यादव, जितिन प्रसाद और जयंत चौधरी ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए पुलिस और सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. इनके अलावा आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी इस एनकाउंटर पर सवाल खड़ा किया है. एक सुर में सभी का यही कहना है कि राज छुपाने के लिए विकास दुबे का एनकाउंटर किया गया.

अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा है कि यह कार पलटी नहीं है, बल्कि राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है. उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है और कहा है कि Dead men tell no tales #VikasDubey (मरा हुआ शख्‍स कोई बात नहीं बताता). राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी ने तो और भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. विकास दुबे के एनकाउंटर पर जयंत चौधरी ने ट्वीट करके कहा है कि देश के सभी न्यायाधीशों को इस घटना के बाद इस्तीफा दे देना चाहिए. भाजपा के ‘ठोक दो’ राज में न्यायालय की जरूरत ही नहीं है. जयंत चौधरी ने यह भी कहा कि 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के असली अपराधियों को बचाने के लिए यह सब ड्रामा रचा गया है.

कांग्रेस के नेता जितिन प्रसाद ने ट्वीट करके कहा है कि सरकार से लोग न्याय की उम्मीद करते हैं, बदले कि नहीं. यही सिपाही और अपराधी में फर्क होता है. आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट करके सवाल पूछा है कि इतनी हड़बड़ी क्या थी, किसे बचाया जा रहा है. जाहिर है एनकाउंटर को लेकर अब राजनीतिक रस्साकशी बढ़ेगी.

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