विदर्भ ने दूसरी बार रणजी ट्रॉफी पर किया कब्जा

नागपुर: मेजबान विदर्भ ने सौराष्ट को रन से मात देकर लगातार दूसरी बार रणजी ट्रॉफी खिताब पर कब्जा कर लिया है। फाइनल में सौराष्ट्र को विदर्भ ने 78 रन से मात दी। जीत के चौथी पारी में सौराष्ट्र को 206 रन की दरकार थी लेकिन चेतेश्वर पुजारा के खाता खोले बगैर आउट होने के बाद पूरी टीम 127 रन पर ढेर हो गई> सरवटे विदर्भ की जीत के हीरो रहे उन्होंने 23 ओवर में 56 रन देकर 6 विकेट लिए। पहली पारी में भी उन्होंने 80 रन देकर 5 विकेट झटके थे। मैच में उन्होंने कुल 11 विकेट लिए। सौराष्ट के लिए विश्वराज जडेजा ने दूसरी पारी में 52 रन बनाए।

खिताबी मुकाबले का चौथा दिन बेहद उतार चढ़ाव भरा रहा। पहले तो विदर्भ की टीम अपनी दूसरी पारी में 200 रन पर ढेर हो गई। पहली पारी में उसे पांच रन की बढ़त हासिल हुई थी। ऐसे में जीत के लिए 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम ने चौथे दिन अपने 5 विकेट 58 रन पर गंवा दिए थे। पांचवें दिन जीत के लिए उसे 148 रन की दरकार थी जबकि विदर्भ को अपना खिताब बचाने के लिए पांच विकेट की। ऐसे में मुकाबला रोचक होने के उम्मीद थी लेकिन सौराष्ट्र की टीम ने पांचवें दिन के पहले ही सत्र में हार मान ली और खिताब विदर्भ की झोली में डाल दिया।

लगातार दूसरी बार रणजी ट्राफी खिताब जीत लिया और यह साबित भी कर दिया कि पिछले साल मिली खिताबी जीत ‘तुक्का ’ नहीं थी। विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित ने कहा,’हर किसी को लगा था कि पिछली बार हमने तुक्के में खिताब जीत लिया। हम पर खिताब बरकरार रखने का दबाव था लेकिन हमारा फोकस प्रक्रिया पर था। हमने साख की कभी चिंता नहीं की।’

विदर्भ टूर्नामेंट के इतिहास की छठी टीम है जिसने खिताब बरकरार रखा है । मुंबई, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली ने इससे पहले लगातार दो खिताब जीते हैं। सौराष्ट्र का खिताबी जीत का सपना एक बार फिर टूट गया। वह 2012-13 और 2015-16 में भी उपविजेता रहा था । चेतेश्वर पुजारा का नाकाम रहना सौराष्ट्र को बुरी तरह खला । दूसरी ओर वसीम जाफर का बल्ला नहीं चलने के बावजूद विदर्भ ने जीत दर्ज की ।

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