विदिशा में फिर लगे क्षेत्रीय सांसद और सुषमा स्वराज के गुमशुदा के पोस्टर, जनता ने पूछे चार सवाल

केंद्र की मोदी सरकार ने आज चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, भाजपा इन चार सालों की उपलब्धिया गिना रही है, वहीं केंद्र सरकार में विदेश मंत्रालय संभाल रही सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र बदहाली के आंसू बहा रहा हैI ढाई साल से सांसद सुषमा यहां झाँकने तक नहीं पहुंची हैंl इसके विरोध में क्षेत्रीय जनता एवं कांग्रेस लम्बे समय से विरोध करती आ रही हैl अब एक बार फिर सांसद के गुमशुदा पोस्टर लगाए गए हैं। सांसद के लम्बे समय से विदिशा के दौरे पर नहीं आने के विरोध में नाराज कांग्रेसियों ने यह पोस्टर लगाए हैं।

पिछले दिनों भी सांसद के गुमशुदी के पोस्टर क्षेत्र में लगाए गए थेI नाराज कांग्रेसियों ने सुषमा के गुमशुदा पोस्टर लगाए और जनता की ओर से 4 सवाल पूछे हैं। पहला सवाल: विदिशा में किसान बदहाल आपने सुध क्यों नहीं ली.दूसरा सवाल: शिक्षित बेरोजगार रोजगार के लिए परेशान आपने उनके लिए क्या किया, तीसरा सवाल:आप का संसदीय क्षेत्र विदिशा देश के अति पिछड़े जिलों में शामिल कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट आपने संसदीय क्षेत्र के लिए क्या किया, चौथा सवाल:आपने हर महीने अपने संसदीय क्षेत्र में आने का वादा किया था लेकिन आना क्यों छोड़ दिया।

साल के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने और अगले साल लोकसभा के चुनाव। इससे ठीक पहले भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विधानसभा क्षेत्र में लोगों की नाराजगी हैIपिछले ढाई वर्षो से सांसद सुषमा स्वराज यहां नहीं पहुंची और न ही यहां उनका कोई ऑफिस हैI जिससे लोग अपनी समस्या भी किसी को नहीं बता पा रहे हैंl वहीं विपक्ष के लिए यह बड़ा मुद्दा बन चुका है। बता दें कि नीति आयोग ने विदिशा को कुपोषण के मामले में प्रदेश का पिछड़ा जिला घोषित किया है। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदिशा की सुध लेने के लिए भोपाल तो आ पहुंची, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। लेकिन विदिशा नहीं पहुंची। इसको लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही हैl

यूँ तो विदिशा शुरू से ही भाजपा और संघ का गढ़ रहा है। यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी भी संसदीय सदस्य रह चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा से लंबे समय तक सांसद रहे हैं। 2013 का विधानसभा चुनाव भी मुख्यमंत्री ने विदिशा से ही लड़ा था। इसके बावजूद भी भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा विदिशा को देश के सबसे पिछड़े जिलों की श्रेणी में शामिल करना पडा।वहीं सुषमा स्वराज का विदिशा न पहुंचना बड़े सवाल खड़े करता हैI यह भी खबर है कि सुषमा स्वराज विदिशा से अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालांकि इसको लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई ऐलान नहीं किया गया है।सुषमा द्वारा क्षेत्र से लगातार दूरी बनाए जाने से विदिशा से अगला चुनाव लड़ने पर संशय की स्थिति है।

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