विवेक तिवारी की हत्या के आरोपी प्रशांत चौधरी के समर्थन में ब्लैक डे मना रहे पुलिसकर्मी!

लखनऊ: बीते 29 सितंबर की रात उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में आरोपी पुलिस कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी के समर्थन में उतरे कुछ अन्य सिपाही शुक्रवार को ब्लैक डे मना रहे हैं. इस ब्लैक डे के लिए पुलिसकर्मी ‘खाकी के सम्मान में उत्तर प्रदेश पुलिस मैदान में’ के स्लोगन को प्रचारित कर रहे हैं. इसके लिए कई पुलिसवाले बाजू पर काली पट्टी लगाए नजर आ रहे हैं.

समर्थन कर रहे सिपाहियों ने फेसबुक पर अभियान चलाके हुए ब्लैक डे की घोषणा की थी. इस ऑनलाइन अभियान की खबर पुलिस को लगी तो इसे शुरु करने वाले सिपाही सर्वेश चौधरी के तुरंत सस्पेंड किया गया. पुलिस ने सर्वेश के साथ कुछ अन्य सिपाहियों के पोस्ट को भड़काऊ बताते हुए हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की है.

उधर, डीजीपी ओपी सिंह ने काली पट्टी बांधे पुलिसकर्मियों के फोटो के बारे में भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि दो साल पहले वेतन विसंगति को लेकर उपजे विवाद के दौरान कुछ लोगों ने काली पट्टी बांध प्रदर्शन किया था. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के विरोध की बात को कुछ लोग अपने फायदे के लिये प्रचारित कर रहे हैं.

डीजीपी ने कहा है कि सोशल मीडिया के जरिये फैला जा रही पोस्टों पर हमारी नजर है. ऐसा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. डीजीपी ने कहा कि पुलिस अनुशासित फोर्स है और विरोध जैसी कोई स्थिति नहीं है.

उधर, डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर ने प्रदेश के सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश जारी किया है. डीआईजी कानून व्यवस्था की तरफ से जारी किए गए निर्देश में कहा गया है, कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर सिपाहियों की तरफ से मैसेज फैलाए जा रहे हैं. जिसमें 5 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध करने और 6 अक्टूबर को इलाहाबाद में रक्षक कल्याण ट्रस्ट और अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बैठक की बात सामने आ रही है. इस मामले पर जिले के कप्तान नजर रखें और उचित कार्रवाई करें.

डीआईजी प्रवीण कुमार ने कहा है कि लगातार इन मैसेजेस पर नजर रखी जाए और प्रभावी आवश्यक कार्यवाही की जाए. जिससे किसी तरह की कोई घटना न घटित हो. गौरतलब है कि बीते 29 सितंबर को लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में एप्पल के एरिया मैनेजर की पुलिस कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसमें कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त कर जेल भेज दिया गया था. इसी को लेकर सिपाहियों में आक्रोश है और एकतरफा कार्रवाई की बात कहते हुए 5 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध करने वाले मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं.

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