विश्व किडनी दिवस पर पीजीआई में पैदल मार्च

लखनऊ। विश्व किडनी दिवस के मौके पर संजय गाधी पीजीआइ में पैदल मार्च निकाल कर किडनी के प्रति जागरूक किया गया । पैदल मार्च से पहले किडनी की बीमारी पर विजय पा चुके दिलीप अवस्थी, केएल बनर्जी, ममता, प्रतिमा सहित कई लोगों ने बीमारी के साथ संघर्ष कर रहे लोगों को हौसला रखने का संदेश दिया। परेशानी तो सबके जीवन में आती है कुछ में कम तो कुछ में अधिक लेकिन मुकाबले हिम्मत के साथ करना है।

अपने अंदर मानसिक कमजोरी कभी मत आने दें। पुलिस विभाग के पूर्व बडे अधिकारी रहे एल बनर्जी ने बताया कि 2011 में किडनी ट्रांसप्लांट कराया जिसके बाद से बिल्कुल फिट हूं। बताया कि किडनी को ठीक करने की कोई दवा नहीं है लेकिन सपोर्टिव ट्रीटमेंट से बीमारी को बढने की गति को कम किया जा सकता है। किडनी के इलाज के चूरन -चटनी के चक्कर मे कतई न पड़े देखा है कि इससे किडनी और खराब हो जाती है।

ममता और प्रतिमा ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद लोग बहुत अच्छी पुरानी जिंदगी जी रहे है जिसमें मै भी शामिल हूं। कहा कि अपने को एक्टिव रखें इससे आप में डिप्रेशन नहीं होगा। सलाह दिया कि जैसे गांधी ने नमक सत्याग्रह चलाया था उसी तरह किडनी के मरीजों को नमक के इस्तेमाल से बचने की जरूरत है। वरिष्ठ पत्रकार दिलीप अवस्थी ने कहा मेरी पत्नी जैसे पहले साथ दिया वैसे ही मेरी किडनी खराब होने के बाद किडनी देकर धर्म निभाया ।

महिलाएं हमेशा से आदरणीय रही है रहेंगी क्योंकि उन्हें अपनों के अपना जीवन लगाती है। पहले मैं नानवेंज के साथ ड्रिंक ले लेता था लेकिन पत्नी के शाकाहारी किडनी लगने के बाद बिल्कुल किडनी शाकाहारी हो गई जिसे मेंनटेन रखा है। सलाह दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद रेगुलर फालोअप पर रहें इससे किडनी रिजेक्शन की आशंका कम हो जाती है।

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