विश्व हिंदू परिषद का ऐलान, अयोध्या में कोई नई मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी

नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने साफ किया है कि नए पदाधिकारी नया अध्यक्ष जरूर आए हैं, लेकिन उसकी विचाराधारा और एजेंडे में कोई बदलाव नहीं आया है। वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का समय नजदीक आ रहा है। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के अंदर कोई नई मस्जिद नहीं बनाने दी जाएगी।

आलोक कुमार ने कहा कि देशभर के गांव-गांव से पूजित राम शिलाएं और गड़े गड़ाए पत्थर खंबे मंदिर की प्रतीक्षा में हैं। हमें आज लहुलुहान हुए अशोक सिंघल का रौद्र रूप की याद आ रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण चाहे न्यायालय हो या फिर कानून से, हमारा संकल्प है कि मंदिर उसी रूप में बनेगा, जिस रूप में राम भक्तों ने अपने दिल में संजो कर रखा है। बाबर के नाम पर कोई मस्जिद, भवन या स्मारक भारत की पावन धरती पर हमें स्वीकार नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद के नए अध्यक्ष चुने गए विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि व्यक्तियों के बदलने से परिषद का एजेंडा नहीं बदलता। हमारा जो एजेंडा पहले से है, वही आगे भी रहेगा। कोकजे का कहना है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, गौ रक्षा और गौरवशाली हिंदू समाज का एकीकरण ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हम अपने उद्देश्य को संतों के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से पूरा करेंगे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper