शनिवार के दिन बिगड़ जाता है काम, तो इस विधि से करें शनि महाराज को प्रसन्न…

लखनऊ: शनि महाराज का नाम आते ही लोगो के मन में एक भय बैठ जाता हैं क्योंकि शनिदेव न्याय के देवता माने जाते हैं और वो व्यक्तियों को उनके कर्मों के हिसाब से दण्ड भी देते हैं। ऐसे में कई बार होता हैं कि शनिवार के दिन व्यक्ति का कोई न कोई नुकसान हो जाता हैं व्यक्ति कितनी भी कोशिश कर लें, मगर हमेशा शनि उनपर भारी रहता हैं।

अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा होता हैं तो आपको शनिदेव को शांत करने के लिए कुछ सरल से उपाय करने के साथ साथ विशेष पूजन विधि से शनिमहाराज को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं। कि कैसे करें शनिदेव को प्रसन्न, तो आइए जानते हैं।

बता दें कि शनिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नहा धोकर साफ सुथरे वस्त्रों को धारण करें पीपल के पेड़ पर जल अर्पण करें। लोहे से बनी शनि देवता की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं। वही मूर्ति को चावलों से बनाए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करें। इसके बाद काले तिल, पुष्प, धूप, काला वस्त्र व तेल आदि से पूजा करें।

पूजन के दौरान शनि के दस नामों का उच्चारण करें कोणस्थ, कृष्ण, पिप्पला, सौरि, यम, पिंगलो, रोद्रोतको, बभ्रु, मंद, शनैश्चर। वही पूजन के बाद पीपल के पेड़ के तने पर सूत के धागे से सात परिक्रमा करें। इसके बाद शनिमहाराज का मंत्र पढ़ते हुए प्रार्थना अवश्य करें।

शनि मंत्र—

शनैश्चर नमस्तुभ्यं नमस्ते त्वथ राहवे। केतवेअथ नमस्तुभ्यं सर्वशांतिप्रदो भव॥

शनिवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम-

आपको बता दें कि अगर शनि की विशेष कृपा प्राप्त करनी हैं तो आपको शनिवार के दिन कुछ ऐसे कार्य करने से बचना होगा। जैसे अगर आप नाखून या बाल काटते हैं तो शनिदेव आपसे नाराज हो सकते हैं। इस दिन आपको जितना हो सके, उतना दान करना चाहिए। आप मंदिर के अलावा किस जरुरतमंद व्यक्ति को जरूरत का सामान भी दान कर सकते हैं। शनिदेव को जानवरों से विशेष लगाव हैं। इसलिए शनि को प्रसन्न करने के लिए आपको जानवरों पर अत्याचार नहीं करना चाहिए साथ ही कुत्तों, गाय, बकरी आदि पशु पक्षियों को रोटी खिलानी चाहिए।

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