शारीरिक कमजोरी भगाने का रामबाण उपाय, एक खुराक में ही महसूस करेंगे फुर्ती!

लखनऊ: दिनभर की दौड़भाग के बाद हमारा शरीर पूरी तरह से टूट जाता है. कभी-कभी दौड़ भरी जिदंगी में हम खाना भी नहीं खा पाते हैं, ऐसे में कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है. कई लोग कमजोरी और थकान से छुटकारा पाने के लिए बाजार के प्रोडक्ट का सेवन करते हैं तो कई लोग डॉक्टरी दवाईयां भी खाते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहे हैं जिसे आप बिना समय बर्बाद किये और भागदौड़ वाली जिदंगी में भी सेवन कर सकते हैं.

अश्वगंधा और दूध
कई दवाईओं में अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जाता है यहां तक कई तरह की चाय पत्ति में भी अश्वगंधा मौजूद होता है जो व्यक्ति की सुस्ती दूरकर फ्रेश रखता है. अगर अश्वगंधा को दूध के साथ सेवन किया जाये तो शारीरिक शक्ति बढ़ेगी और हर रोज नई ताजगी प्राप्त होगी. कमजोरी और थकान दूर करने के लिए एक गिलास दूध में अश्वगंधा पाउडर मिलाकर रात को सोते वक्त सेवन करें. 40 दिन लगातार अश्वगंधा और दूध का सेवन करने से मिनटों में आपको फायदा होते नजर आयेगा.

2. किशमिश और शहद

किश्मिश शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है. सुबह-सुबह भिगी हुई किश्मिश खाने से ताजगी महसूस होती है. हर रोज भिगी हुई 4 किश्मिश खाने के बाद आधे घंटे तक कुछ ना खाएं. कुछ दिन में आपको अपने अंदर बदलाव दिखाई देगा.

कश्मीरियों को भविष्य में केंद्र सरकार के फैसले का लाभ मिलेगा : मायावती

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper