श्रावण के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में श्रावण महीना बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। कृष्ण पक्ष में श्रावण महीने के पहले सोमवार को जम्मू के शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भीड़ उमड़ी। जम्मू के रणबीरेश्वर मंदिर शालामार, रुपये वाला मंदिर, पीरखोह, आप भम्भू मंदिर रूपनगर, शीशे वाला मंदिर डोगरा चौक, शिवधाम कैनाल रोड सहित अन्य मंदिरों में भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, फूल, बिल्व पत्र, धूप, दीप, नैवेद्य, चंदन, ऋतुफल, आक धतूरे के पुष्प, चावल आदि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। ऐसा माना जाता है कि इस महीने में दान भी करना चाहिए इससे हमारे कष्ट दूर होते हैं। इस अवसर पर मंदिरों में लंगर व भंडारों का आयोजन भी किया गया। एक ओर राज्य में श्री अमरनाथ यात्रा जारी है। दूसरी ओर जम्मू के शिंव मंदिरों में भक्तों की भीड़ शहर में अलग ही शिवमय वातावरण बना रही है।

श्रावण महीना शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रावण महीने में शिवपूजन, शिवपुराण, रुद्राभिषेक, शिव कथा, शिव स्तोत्रों का पाठ करते हुए रात्रि जागरण करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण महीने में शिव पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में शिव पूजा सभी पापों का क्षय करती है।

जम्मू के स्वामी प्रकाशा नंद महाराज का कहना है कि सावन माह की शुरुआत दो तिथियों से होती है। एक विधान से श्रावण महीना 16 जुलाई से आरंभ होता है जबकि कृष्ण पक्ष में श्रावण महीना 28 जुलाई से आंरभ होता है।

इसी के चलते जिन महिलाओं को पूरे श्रावण माह के सोमवार व्रत करने होते हैं, वह 16 जुलाई से ही शुरू कर लेती हैं और जिन महिलाओं को चार सोमवार व्रत करने होते हैं वह 28 जुलाई के बाद आने वाले सोमवार से व्रत करती हैं| इस बार श्रावण का महीना 26 अगस्त को समाप्त होगा।

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