सफलता का न हो ‘हैंगओवर’

जरा पांच साल पहले के शनिवार और रविवार की रात नौ बजे के समय को याद कीजिए। ज्यादातर घरों में टीवी का बटन ऑन हो जाता था और रिमोट से लोकेशन ढूंढी जाती थी कलर्स टीवी की, जहां प्रसारित होता था ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’। कॉमेडियन कपिल शर्मा के इस शो को जबरदस्त टीआरपी मिली थी, साथ ही कलर्स चैनल भी नंबर वन हो गया था। स्थिति यह हो गई थी कि सुबह से लेकर शाम तक हर खाली स्लॉट में इसी शो का रिपीट टेलीकास्ट होता रहता था और देखा भी जाता था। पॉपुलेरिटी के टॉप पर था उन दिनों कपिल शर्मा का जलवा। हालांकि ऐसा नहीं है कि कपिल को यह कामयाबी आसानी से मिल गई थी।

सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए कपिल ने जी-तोड़ मेहनत की थी। दिन-रात काम किया था। नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से होने के चलते कपिल के वैसे भी इस इंडस्ट्री में मुकाम बनाना इतना आसान नहीं था। कई जगह स्टेज पर छोटे-मोटे कॉमेडी शो करते और पार्टियों में गाना गाते कपिल को पहला बड़ा ब्रेक मिला ‘द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज’ में, जिसका ताज भी उनके सिर सजा। इसके बाद फिर कपिल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कई शोज को होस्ट किया, फिल्मों में लीड रोल किए। करण जौहर, सलमान खान, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण जैसे बॉलीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज और सफल नामों से कपिल का याराना हो गया।

इसके बाद तो सफलता का ऐसा नशा कपिल के दिमाग पर चढ़ा कि उन्होंने आम आदमी का अपना चोला उतार फेंका और मगरूरता की पराकाष्ठा पर उतर आए। कपिल पर कार्यक्रम में फिल्म का प्रमोशन करने आए वरिष्ठ कलाकारों को इंतजार कराने से लेकर साथी कलाकारों से अभद्रता समेत आरोपों का झड़ी लग गई। कहा तो यहां तक जाने लगा कि कपिल नशे की लत में पूरी तरह डूब गए और यहीं से शुरू हो गया टॉपर कपिल के फ्लॉप होने का सिलसिला। कलर्स चैनल ने तंग आकर कपिल का प्रोग्राम ऑफ एयर कर दिया। इसके बाद कपिल ने सोनी चैनल पर ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ शुरू किया, लेकिन ज्यादा दिनों तक बात नहीं बनी।

अब बात करते हैं गायक और रैपर हनी सिंह की। साल 2012 से लेकर 2015 तक वह दौर था जब हर स्टेज परफॉमेंस और महफिलों का आगाज ही हनी सिंह के गानों से होता था। युवा वर्ग तो हनी सिंह का इस कदर दीवाना हो गया था कि उनकी हर स्टाइल को कॉपी करने लगा था। लोग योयो हनी सिंह के गानों पर झूमते थे। हालांकि हनी सिंह ने उस दौर में जो गाया, वह था भी कमाल का। कुछ अलग की चाह रखने वाले युवा वर्ग की नब्ज पकड़ते हुए हनी सिंह ने भी सब कुछ नया ही परोसा और सबके दिलों पर छा गए। लेकिन यह दौर ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रहा। जल्द ही लोगों के दिमाग से हनी सिंह का नशा उतरने लगा। कारण था, हनी सिंह की काम को लेकर लापरवाही। एक समय जो हनी सिंह अपने काम में पूरी तरह से डूबे हुए थे, वही ‘योयो’ सफलता के नशे में मदमस्त होकर दूसरी ही दुनिया में गोते लगाने लगे। हनी सिंह के लिए काम से ज्यादा मस्ती और नशेबाजी की अहमियत हो गई। इसके बाद हनी सिंह पिछले तीन सालों से कहां लापता हो गए, बस कयास ही लगाए गए हैं।

यहां इन दोनों सेलेब्रिटीज का जिक्र इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि दोनों ही छोटे शहरों और निम्न मध्यम वर्ग परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। पंजाब के अमृतसर से आने वाले कपिल शर्मा के पिता पुलिस में हेड कांस्टेबल थे, जबकि पंजाब के ही होशियारपुर से ताल्लुक रखने वाले हनी सिंह के पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। कम समय में सफलता के अर्श पर पहुंचने वाले इन दोनों कलाकारों की शोहरत जिस तेजी से फर्श पर पहुंची, वह काफी अचंभित कर देने वाली है।

दरअसल, सफलता हासिल करना जितना मुश्किल होता है उसे बरकरार रखना उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है। कहा भी जाता है कि सफलता का ‘नशा’ ऐसी चीज होती है कि उससे ज्यादा खतरनाक उसका ‘हैंगओवर’ होता है। इसीलिए सफलता पाने के लिए आपने भले ही जूते रगड़े हों, लेकिन उसे बनाए रखने के लिए मन को घिसना जरूरी है। सोच को चमकाना होगा। सामूहिक नेतृत्व में हैं, तो टीम-भावना से काम करना होगा। टीम का प्रत्येक सदस्य महत्वपूर्ण होता है, उसे मान-सम्मान देना सफलता का गहना माना जाता है।

सफलता कभी नहीं कहता कि आप सफल हों, तो आपके कदम डगमगाएं। सफलता उस नाव की तरह है जिसे मझधार में न जाने दिया जाए, चली जाए तो अच्छे खेवनहार की तरह नाव को मझधार से निकालकर किनारे ले आएं। कपिल-हनी के कॅरियर की नाव मझधार में है, वे उसे मझधार से निकाल लाएं तो सफलता फिर से गले लगाने को तैयार है।

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