सरकार अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अवसंरचना पर खर्च बढ़ाएगी

चेन्नई: चालू वित्तवर्ष में देश के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धिदर गिरकर 5 फीसदी होने से उभरे सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि मंदी आर्थिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सरकार अवसंरचना पर जितना संभव हो उतना अधिक खर्च करेगी, ताकि अर्थव्यवस्था में मांग और खपत तेज हो। निर्मला ने कहा कि जीडीपी में गिरावट अर्थव्यवस्था के चक्र का हिस्सा है और सरकार इसे लेकर सचेत हैं कि उसे इसे रोकने के लिए कदम उठाने हैं।

उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि सरकार जीडीपी को बढ़ाने के लिए कुछ नहीं कर रही है, बल्कि जीडीपी में गिरावट विकास प्रक्रिया का हिस्सा है। हमारा पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि अगली तिमाही में जीडीपी को किस प्रकार से बढ़ाया जाए।” उन्होंने यह बात मोदी 2.0 के 100 दिनों के पूरा होने पर अपने मंत्रालय के कामकाज की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस वार्ता में कही। निर्मला ने कहा, “हम अवसरंचना पर जितना संभव हो, उतना अधिक खर्च बढ़ाएंगे। हम बाजार में उपभोक्ताओं की भावना सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं।”

सरकार ने हाल ही में आर्थिक मामलों के सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसने 100 लाख करोड़ रुपये की ‘नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्च र पाइपलाइन’ तैयार की। जुलाई के बजट में, सरकार ने अगले 5 वर्षों के लिए अवसंरचना क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। उनके मुताबिक, टास्क फोर्स यह पहचान कर रही है कि किन अवसंरचना परियोजनाओं का वित्तपोषण किया जाए। इसकी रिपोर्ट मिलते ही केंद्र सरकार काम शुरू कर देगी।

निर्मला ने यह भी कहा कि सरकार वाहन उद्योग के लिए भी कुछ कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार वाहन क्षेत्र को मंदी से उबारने के लिए काम कर रही है।” वाहन उद्योग सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करनेवाले क्षेत्रों में से एक है और वित्तवर्ष 1997-98 के बाद से इसमें सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो 23 फीसदी है। वाहन उद्योग के लिए जीएसटी दरों की कटौती को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए निर्मला ने कहा कि इस पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद फैसला करेगी।

मंत्री ने इसके अलावा कम जीएसटी संग्रह पर चिंता जताई। अगस्त 2019 में जीएसटी संग्रह कुल 98,202 करोड़ रुपये हुई, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 4.51 फीसदी अधिक है। अगस्त 2018 में कुल 93,960 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ था। निर्मला ने यह भी कहा कि सरकार घर खरीदारों के लिए राहत मुहैया कराने पर काम कर रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।

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