सिपाही की उड़ान

एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद अक्सर लोग उसी में जुट जाते हैं। लेकिन विनोद यादव के साथ ऐसा नहीं हुआ। वाराणसी के रोहनिया थाने में सिपाही पद पर तैनात विनोद यादव का सपना था प्रोफेसर बनना। वर्ष 2011 में पारिवारिक परिस्थितियों के चलते सिपाही की नौकरी ज्वाइन करने वाले विनोद ने अपने सपने को बिखरने नहीं दिया।

सिपाही की नौकरी मिलने के बाद भी वह लगातार शिक्षा विभाग में नौकरी की तैयारी में लगे रहे। नौ साल बाद आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई। उच्च शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर उनकी नियुक्ति हुई है।

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