सीमा पर भारी तनाव ,सीमावर्ती इलाकों से 35 हजार लोगों का पलायन

लखनऊ ट्रिब्यून (दिल्ली ब्यूरो ): जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से लगी सीमा चौकियों और नागरिक इलाकों में पाकिस्तानी सैनिकों की लगातार गोलाबारी से सीमावर्ती बस्तियों से अब तक 35,000 से अधिक लोगों के पलायन करने की खबर मिली है। पिछले कुछ वर्षों का यह सबसे बड़ा पलायन माना जा रहा है।

आर्मी अधिकारियों ने रेड अलर्ट जारी कर सीमा पर बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। सीमा बढ़ते तनाव और गोलीबारी की वजह से एलओसी से लगे 300 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया है। पिछले दिनों में गोलाबारी में छह नागरिक और चार जवान सहित कुल 10 लोगों की मौत हो गई है और कुछ जवानों सहित करीब 60 लोग घायल हो गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान ने शनिवार दोपहर बगैर उकसावे के जम्मू में कानाचक सेक्टर के गाजनसू इलाके में गोलाबारी की और गाजनसू बस पड़ाव में गोले गिरे जिसमें दो लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनमें से एक की बाद में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स ने आरएसपुरा में सीमावर्ती बस्तियों में गोलाबारी की। इसमें दो नागरिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी थल सेना ने बगैर उकसावे के सुबह आठ बज कर 20 मिनट पर पुंछ में एलओसी से लगे कृष्णघाटी में अंधाधुंध गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में सिपाही मंदीप सिंह घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स ने बगैर उकसावे के चिनाब नदी (अखनूर) से आरएस पुरा तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गांवों को निशाना बना कर पूरी रात भारी गोलाबारी की।

उन्होंने बताया कि परगवाल सेक्टर में बीएसएफ के एक जवान की मौत हो गई जबकि कानाचक में दो लोग घायल हो गए। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले 35,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। एक हजार से अधिक लोग आरएस पुरा, सांबा और कठुआ इलाकों में शिविरों में रह रहे हैं।

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