सोशल मीडिया पर आपातकाल की घोषणा वाले संदेशों को भारतीय सेना ने बताया फर्जी

नई दिल्ली। देशभर में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई राज्यों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र और केरल में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस से लोग संक्रमित हो चुके हैं। एक तरफ सरकार इस जानलेवा खतरे से निपटने में जुटी है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया परेशानी और बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक और गलत संदेशों ने पुलिस, प्रशासन समेत सरकार की भी चुनौती बढ़ा दी है। इन गलत संदेशों से भारतीय सेना भी अछूती नहीं है। यही वजह है कि भारतीय सेना ने सोमवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को फर्जी और दुर्भावनापूर्ण बताया है।

भारतीय सेना ने कहा है कि जिन संदेशों में कहा जा रहा है कि अप्रैल के मध्य में आपातकाल की घोषणा हो सकती है वो पूरी तरह गलत और भ्रामक है। इसके अलावा खबरों में कहा जा रहा है कि नागरिकों प्रशासन की मदद के लिए भारतीय सेना, दिग्गजों, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना को तैनात किया जाएगा। सेना ने साफ कहा है कि यह खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं।

सेना की तरफ से यह सफाई ऐसे समय पर आई है जब केंद्र सरकार ने साफतौर पर कहा है कि उसकी 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। पीआईबी ने ट्वीट करके कहा, ‘ऐसी अफवाहें और मीडिया रिपोर्ट्स हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार 21 दिनों का लॉकडाउन खत्म होने के बाद उसकी समयसीमा बढ़ा देगी। कैबिनेट सचिव ने इन खबरों को खारिज किया है और इन्हें आधारहीन बताया है।

आपको बात दें कि सेना इससे पहले देश में कोरोना से जंग के लिए ऑपरेशन नमस्ते चला रही है। इसकी घोषणा खुद सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने की थी।

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