स्पाइसी फूड खाने वाली महिलाओं से बच्चे होते हैं ‘चटोरे’

लंदन: महिला विशेषज्ञ का कहना है कि मां द्वारा ज्यादा मिर्च-मसाले खाने से दूध पीने वाले बच्चे को कोई नुकसान नहीं होता। बजाए इसके, स्पाइसी फूड खाने वाली महिलाओं से बच्चे ज्यादा ‘चटोरे’ होते हैं। महिला विशेषज्ञ डॉक्टर जेनिफर विल्डर का कहना है कि जो महिलाएं बच्चों को स्तपान कराती हैं अगर वो अपने खान-पान में अधिक मिर्च-मसाले खाती हैं तो इससे उनके बच्चे पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। उल्टा मां का दूध पीने वाले ऐसे बच्चों को मसालेदार खाना का स्वाद बचपन से ही लग जाता है।

उन्होंने कहा कि काफी महिलाओं को लगता है कि अगर वो स्पाइसी खाना खाएंगी तो उनके बच्चों को गैस की समस्या और रैशेज हो सकते हैं, लेकिन ऐसा है नहीं। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि जो महिलाएं खाती हैं सीधे उन्हीं चीजों से मां का दूध तैयार होता हो। खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन जैसे तत्व महिलाओं के खून में मिल जाते हैं और इसी से मां का दूध बनता है।

डॉक्टर ने बताया कि इसलिए महिलाएं अगर ज्यादा मसालों वाला खाना खा रही हैं तो उसका कोई गलत असर दूध पीने वाले बच्चे की सेहत पर नहीं पड़ता। लंदन यूनिवर्सिटी की एक रिसर्चर लूसी कूक ने कहा, ‘अगर स्तनपान के दौरान ही बच्चों की जबान पर विभिन्न प्रकार के जायके लग जाते हैं तो ऐसे बच्चे बड़े होकर अलग-अलग किस्म के व्यंजन खाने में आनाकानी नहीं करते हैं।’

एक अध्ययन में ऐसा देखा गया है कि जो महिलाएं स्तनपान के दौरान लहसुन खाती थीं उनके बच्चों को मां का दूध ज्यादा स्वादिष्ट लगा। इसके आधार पर विशेषज्ञों ने कहा कि जो बच्चे इसी उम्र में ही अलग-अलग स्वाद के खानों का जायका ले लेते हैं वो आगे चलकर बड़े चाव से विभिन्न व्यंजन खाते हैं।

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