1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट ई-वे बिल, पढ़िए इससे जुड़ी जानकारी

नई दिल्ली: माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत ट्रांसपोर्टरों के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में माल परिवहन के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक ई-वे-बिल का इस्तेमाल एक अप्रैल से लागू होगा। जीएसटी परिषद के तहत गठित राज्यों के वित्त मंत्रियों के एक समूह ने शनिवार को यह सिफारिश की। पहले इसे 1 फरवरी से लागू होना था। लेकिन किसी कारणवश इसे टालना पड़ा था।

अब देश भर में इंटर स्टेट ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होगा। जबकि इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से राज्यों में लागू होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल को 1 जून 2018 तक पूरे देश में लागू  करने का प्लान है। अभी इंट्रा स्टेट ई-वे बिल तीन राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में 15 अप्रैल से लागू होगा और इसके बाद अन्य राज्यों में लागू किया जाएगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 4 राज्यों के लॉट में लागू किया जाएगा। यानी पहले 4 राज्यों में लागू होगा और उसके बाद अन्य 4 राज्यों में लागू होगा।

सरकार को उम्मीद है कि ई-वे बिल के लागू होने के बाद कर चोरी रुकेगी और राजस्व प्राप्ति में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। ई-वे बिल माल के आवागमन के लिये लिया जाने वाला एक इलेक्ट्रानिक वे बिल है जिसे जीएसटीएन (सामान्य पोर्टल) से निकाला जा सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत 50 हजार रुपये से अधिक के माल को ले जाने के लिए ई-वे बिल जरूरी होगा।

ई-वे बिल को एसएमएस के जरिये निकाला अथवा कैंसिल भी किया जा सकता है। जब भी कोई ई-वे बिल निकाला जाता है तो उसके तहत एक विशिष्ट ई-वे बिल नंबर आवंटित किया जाता है. यह नंबर आपूर्तिकर्ता, प्राप्तिकर्ता और ट्रांसपोर्टर सभी को उपलब्ध करा दिया जाता है।

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