120 सालों से मोटी-मोटी जंजीरों से बंधा है यह पेड़, बस इतनी सी है इसकी ख़ता

क्या आप कभी ये बात सोच सकते हैं कि भला कोई पेड़ भी आपका पीछा कर सकता है? शायद कभी नहीं सोचेंगे लेकिन एक दफा ऐसा हुआ हैं और इसी अपराध की सजा में बरगद का एक पेड़ पिछले 118 सालों से मोटी जंजीरों में जकड़ा हुआ है।

ये सुनने में बहुत अजीब ज़रूर लगता है लेकिन यह बिलकुल सच हैं और ये पेड़ पूरी दुनिया के लोगों के लिए एक अजूबा व कुतूहल का विषय बना हुआ है शायद ऐसा कोई भी पेड़ आपने कभी देखा नहीं होगा लेकिन अगर आपको इसे देखना है तो फिर आपको पाकिस्तान जाना पड़ेगा। आखिर कैसे बना यह पेड़ अपराधी इसकी एक बहुत दिलचस्प कहानी हैं ये साल 1898 की बात है रात के समय जेम्स स्क्वेयड नाम का एक अंग्रेज अफसर शराब के नशे में धुत था और कहीं पर जा रहा था।

लांडी कोटल नाम की उस जगह से गुज़रते हुए जहां पर बरगद का यह पेड़ है अचानक ही उसे ये लगा कि यह पेड़ उसका पीछा कर रहा है। और उसने फ़ौरन अपने अधिकारियों को उसे गिरफ्तार करने का हुक्म दे दिया जिसका पालन करते हुए इस पेड़ को मोटी- मोटी जंजीरों से बांधते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

उस समय भारत का हिस्सा रहा यह पेड़ आज पाकिस्तान में है अंग्रेजी शासन तो खत्म हो गया परन्तु इतने सालों बाद भी यह उसी उसी तरह से जंजीरों में लिपटा हुआ है। और इस पर एक तख्ती भी लगाई गई थी जिसपर ये लिखा गया था I’m Under Arrest। अंग्रेजों की वशहत की निशानी मानते हुए प्रशासन ने आज भी इस पेड़ को उसी से रखा हुआ है और इसकी जंजीरें भी हटाई नहीं गई हैं और वह तख्ती भी इस पर उसी तरह से लगी हुई है। बरगद के इस विशाल वृक्ष को जंजीरों में बंधा हुआ देखना लोगों के लिए उत्सुकता का विषय बन हुआ है इसीलिए लोंग दूर-दूर से इसे देखने के लिए आते हैं स्थानीय लोग भी इसे टूरिस्ट प्लेस की ही तरह से देखते हैं।

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