21 साल बाद शनि के प्रकोप से मुक्त होगी ये 5 राशियां, होगा धनलाभ

शनि को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। शनि को प्रसन्न करके व्यक्ति जीवन के कष्टों को कम कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि जब भी कभी ग्रहों में किसी तरह का कोई बदलाव होता है तो इसका सीधा असर हमारी राशि् पर पड़ता है, जिस वजह से कुंडली पर शनि बैठ जातें हैं और ऐसे में व्यक्ति के जीवन में दुख भी आ सकते हैं तो खुशियां भी आ सकती हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार शनि के नाराज होने से व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो बिगड़े हुए काम बन जाते हैं और सफलता भी प्राप्त होती है। शनि देव की कृपा न हो तो कोई काम सफल नहीं हो पाता है ना ही शादी , ना ही संतान, और ना ही धन की प्राप्ति हो पति है। इनकी कृपा जिसके ऊपर भी हो जाती है उस इंसान को कोई भी परेशानी नहीं आ सकती। वहीं आज हम आपको कुछ राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो शनिदेव के प्रकोप से मुक्त हुई हैं। तो आइए बताते हैं आपको उन 5 भाग्यशाली राशियों के नाम…

मिथुन, वृश्चिक, मीन, मेष और सिंह राशि के जातक को अब किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा साथ ही उन्हें मातारानी का आशीर्वाद मिलेगा और मातारानी की कृपा बनी रहेगी। इस कृपा से यह लोग बिना किसी परेशानी के बहुत ही जल्द करोड़पति बनने की राह पर होंगे। ये 5 राशि के जातक 21 साल बाद शनि के प्रकोप से मुक्त हुए हैं। इन राशि वाले लोगों के ऊपर से शनि का बुरा प्रभाव दूर होने की वजह से बिगड़े हुए काम पुरे होंगे और साथ ही रुके हुए कार्य भी जल्दी पुरे होंगे। अपने जीवन में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे, आपको अपने पुराने किए गए कामकाज का भारी मुनाफा मिलने वाला है और घर परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। धन कमाने की योजनाएं सफल रहेगी साथ ही आप अपने शत्रुओं पर विजय हासिल करेंगे।

कार्यस्थल में सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा, आप अपने रुके हुए काम काज को ठीक प्रकार से कर सकते हैं। कामकाज की बाधाएं दूर होते ही आपका आने वाला समय अत्यंत लाभदायक रहने वाला है। मातारानी के आशीर्वाद से आपको विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल होगी वहीं आपके लाभ के अवसर बढ़ सकते हैं। अचानक रुका हुआ धन आपको वापस मिलने के योग बन रहे हैं। किसी महिला मित्र के सहयोग से आपके जरूरी कार्य पूरे होंगे और प्रियजनों के साथ आप अच्छा समय व्यतीत करने वाले हैं। आपकी आमदनी में पहले से बढ़ोतरी होगी। पुराने भूले बिसरे मित्र से मुलाकात हो सकती है।

यह खबर हिंदू पौराणिक कथाओं और लोक कथाओं से प्रेरित है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, संप्रदाय या धर्म की भावनाओं को आहत करना नहीं है।

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