359 लोगों की जान बचाने वाली नीरजा के हत्यारे अब भी फरार

नई दिल्ली. 32 साल पहले आज ही के दिन 5 सितंबर 1986 को विमान परिचायिका नीरजा भनोट ने अपनी जान देकर 359 विमान यात्रियों की जान बचाई थी। इसी दिन आतंकियों ने कराची के रास्ते मुंबई से अमेरिका जाने वाले विमान पैन एम फ्लाइट-73 को कराची पहुंचते ही हाईजैक कर लिया था। विमान ने मुंबई से उड़ान भरी थी। नीरजा के हत्यारे अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।
विमान में घुसते ही अबू निदाल संगठन के आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर फ्लाइट को कब्जे में ले लिया था। आतंकी विमान को इजरायल ले जाकर क्रैश कराना चाहते थे। उस समय विमान में 379 लोग मौजूद थे। आतंकियों ने नीरजा से सभी यात्रियों का पासपोर्ट जमा करने को कहा, तो नीरजा ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए यात्रियों को आपातकालीन दरवाजे से बाहर निकालना शुरू कर दिया था। इससे बौखलाये आतंकियों ने यात्रियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में नीरजा समेत 2० लोगों की मौत हो गई थी और 1०० से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आतंकी फरार हो गए थे। नीरजा को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैनिक सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। नीरजा इस सम्मान को पाने वाली देश की पहली आम नागरिक थीं। पाकिस्तान ने भी नीरजा को तमगा-ए इंसानियत से नवाजा था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper