70 साल पुराना निजाम फंड : भारत ने पाक को हराकर जीत लिए करोड़ों रुपए

लंदन: भारत ने निजाम फंड केस में पाकिस्तान को हरा दिया है। ये केस 70 साल पुराना है और इस हार के साथ पाकिस्तान को 26 करोड़ रुपये भी देने पड़े हैं। 1 मिलियन पाउंड से 35 मिलियन पाउंड बनी रकम अब भारत की हो गई है। दरअसल लंदन के एक बैंक में करीब 7 दशक से कई सौ करोड़ रुपये फंसे हुए थे। अब ब्रिटेन में भारतीय दूतावास को लाखों पाउंड अपने हिस्से के तौर पर मिले हैं। पिछले साल अक्तूबर में लंदन कोर्ट के जस्टिस मार्कस स्मिथ ने अपने फैसले में कहा था कि हैदराबाद के सातवें निजाम उस्मान अली खान इस राशि के मालिक थे, उनके बाद इस राशि के मालिक उनके वंशज और भारत सरकार हैं। निज़ाम के वंशजों ने साल 2008 में विवाद को लेकर पाकिस्तान के साथ अदालत के बाहर समझौते का प्रयास किया था, लेकिन पाकिस्तान ने तब इसका कोई जवाब नहीं दिया था।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक ब्रिटेन में हाई कमीशन को 35 मिलियन पाउंड (325 करोड़ रुपये) अपने हिस्से के तौर पर मिले हैं। यह राशि 20 सितंबर 1948 से नेशनल वेस्टमिंस्टर बैंक अकाउंट में फंसी हुई थी। पाकिस्तान का दावा था कि ये राशि उसकी है। भारत का दावा था कि 1965 में निजाम ने यह पैसा भारत को दिया था। ये खजाना 1 मिलियन पाउंड और 1 गिन्नी का है जिसे 20 सितंबर, 1948 को हैदराबाद सरकार को तत्कालीन वित्त मंत्री मॉइन नवाज जंग ने भेजा था। इसके बाद यह पैसा हैदराबाद राज्य के तत्कालीन वित्त मंत्री ने ब्रिटेन में तत्कालीन पाक हाई कमिश्नर हबीब इब्राहिम रहीमटूला को ट्रांसफर हुई। यह वाकया हैदाराबाद राज्य को अपने कब्जे में लेने के समय हुआ। तब से अब तक यह रकम बढक़र 35 मिलियन पाउंड हो गई है। 8वें निजाम के वकील के मुताबिक बताया कि उनके क्लाइंट को अपने हिस्से का पैसा और केस लडऩे में लगा 65 फीसदी खर्च भी मिल गया है। अब यह पैसा नई दिल्ली को भेज दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर में हाई कोर्ट ने भारत और मुकर्रम जाह (हैदराबाद के 8वें निजाम) के पक्ष में फैसला सुनाया था।

गौरतलब है कि बंटवारे के बाद हैदराबाद के निजाम ने स्थानीय लोगों की इच्छाओं के विरुद्ध जाते हुए आजाद रहने का फैसला लिया था और पाकिस्तान ने निजाम का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई थी कि यह पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) की तरह पाकिस्तान का तीसरा हिस्सा हो सकता है। तब हैदराबाद के निजाम के वित्त मंत्री और विदेश मंत्री नवाब मोईन नवाज जंग ने ब्रिटेन के हबीब इब्राहिम रहिमटोला के खाते में 1,007,940 स्टर्लिंग पाउंड पाकिस्तानी उच्चायुक्त को हस्तांतरित कर दिया। साल 1948 में हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हो गया। निजाम मीर उस्मान अली खान ने बाद में कहा कि उनके मंत्री ने उनकी अनुमति के बिना धन हस्तांतरित कर दिया था।

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