आलोक वर्मा का फायर सर्विस का डीजी बनने से इंकार, इस्तीफा दिया

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो के पद से हटाए जाने के बाद अग्निशमन विभाग में महानिदेशक बनाए जाने के बाद पद संभालने से इनकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी को गृह मंत्रालय के तहत अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड्स का निदेशक नियुक्त किया गया था।

इससे पहले उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा ने दावा किया था कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया है।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेजे अपने इस्तीफे में वर्मा ने कहा है कि चयन समीति ने निर्णय पर पहुंचने से पहले मुझे अपनी सफाई देने का मौका नहीं दिया। इस मामले में मुझे न्याय नहीं मिला। सफाई में आगे लिखा गया है कि चयन समीति ने ने इस तथ्य को भी नहीं स्वीकार किया कि पूरी सीवीसी रिपोर्ट उस एक शिकायत पर आधारित है जिसकी सीबीआई द्वारा वर्तमान में जांच की जा रही है।

वर्मा ने अपने इस्तीफे में कई बातों का जिक्र किया है। जिसमें लिखा गया है, ‘मैंने एक प्रशासक के रूप में अपने चार दशक के करियर में मैंने संप्रभुता को सबसे ऊपर रखा। मेरा भारतीय पुलिस सेवा में एक बेदाग रिकॉर्ड रहा और अंडमान और निकोबार, आईसलैंड, पुदुचेरी, मिजोरम दिल्ली के पुलिस बल का नेतृत्व किया। यहीं नहीं सीबीआई और दिल्ली प्रिजन तथा सीबीआई का मुखिया रहा।’

बता दें कि सीबीआई के निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार दे दिया गया।

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लखनऊ ट्रिब्यून

Vineet Kumar Verma

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