बीजेपी ने खोया सबसे बड़ा सहयोगी, चंद्रबाबू ने किया अलग होने का फैसला

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए से अलग होने का फैसला किया। गुरुवार को उन्होंने कहा कि केंद्र से हमारे 2 मंत्रियों और राज्य सरकार से बीजेपी के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। चंद्रबाबू ने कहा, “मैं 29 बार दिल्ली गया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिला। गठबंधन के सदस्य होने के नाते ये मेरी जिम्मेदारी बनती है कि प्रधानमंत्री को पार्टी के फैसले से अवगत कराऊं। मेरे ओएसडी ने पीएम के ओएसडी से बात की लेकिन मोदी फोनलाइन पर नहीं आए।”

दोनों दलों के बीच तनातनी की वजह आंध्रप्रदेश के राजनीतिक समीकरण हैं। राज्य में अगले साल लोकसभा के साथ ही चुनाव होने हैं। आंध्र में बीजेपी धीरे-धीरे आधार बढ़ाने में लगी है। माना जा रहा है कि जगनमोहन रेड्‌डी की वाईएसआर कांग्रेस के साथ परोक्ष समझौता हो चुका है। नायडू यह जानते हैं। इसीलिए उन्होंने विशेष दर्जे का मुद्दा छेड़ दिया। केंद्र इसे मंजूर करे या नामंजूर, दोनों ही सूरत में नायडू को राजनीतिक फायदा दिख रहा है। बीजेपी किसी भी तरह यह मुद्दा चुनाव तक टालना चाहती थी।
उधर चंद्रबाबू का दावा है कि वे 29 बार दिल्ली गए लेकिन उन्हें इसका फायदा नहीं मिला। राज्य ने निर्माण कार्यों और पोलावरम योजना पर 13054 करोड़ रु. खर्च किए लेकिन केंद्र से सिर्फ 5,349.7 करोड़ की मदद मिली। हमने समय-समय पर पोलावरम प्रोजेक्ट पर खर्च हुए पैसे का हिसाब दिया। अभी भी केंद्र से हमें 4,932 करोड़ मिलने बाकी हैं। चंद्रबाबू ने बताया कि उन्होंने मोदी से फोन पर बात करने की कोशिश की। टीडीपी के एनडीए से अलग होने के फैसले की जानकारी भिजवाई। नायडू ने कहा कि फिलहाल हम एनडीए से बाहर हैं। बीजेपी-टीडीपी गठबंधन के मुद्दे पर बाद में विचार किया जाएगा। नायडू ने ये भी कहा कि भविष्य में दोनों पार्टियों का अलायंस हो सकता है।

विधानसभा में चंद्रबाबू नायडू ने की BJP के मंत्रियों की तारीफ, जेटली पर बरसे

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जे की मांग ने भाजपा और टीडीपी के बीच दूरियां बढ़ा दी हैं। लंबे वक्त से तेलगु देसम पार्टी (टीडीपी) और भाजपा के बीच चली आ रही तनातनी ने अब अलग रूप ले लिया है। चंद्रबाबू नायडू कैबिनेट से भाजपा नेताओं के इस्तीफे के बाद विधानसभा में हमलावर दिखे। आंध्र प्रदेश विधानसभा में बयान देते हुए नायडू ने कहा, ‘हमारे मंत्रियों ने केंद्रीय कैबिनेट से और भाजपा के मंत्रियों ने राज्य कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि सभी मंत्रियों ने राज्य में अच्छा कार्य किया है। उन्होंने अपने-अपने विभागों में काफी सुधार किए हैं। मैं उनकी सेवाओं के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।’ नायडू यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा, ‘ जो कुछ भी अरुण जेटली ने कल कहा वह अच्छा नहीं था। आप (केंद्र) पूर्वोत्तर राज्यों का हाथ पकड़ रहे हैं लेकिन आंध्र प्रदेश का नहीं। आप उन्हें (पूर्वोत्तर) औद्योगिक प्रोत्साहन दे रहे हैं लेकिन आंध्र प्रदेश को नहीं। इतना भेदभाव क्यों?’

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