दहेज लोभियों का हॉफ मुंडन

लखनऊ. अभी तक आप ने दहेज लोभियों को बहुओं को जलाकर मारते, पिटते, थाने में रिरियाते, जेल जाते देखा-सुना व पढ़ा होगा, लेकिन यह न तो सुना होगा, न ही देखा-पढ़ा होगा कि बंधक बनाकर दहेज लोभी दूल्हे और उसके भाई समेत चार रिश्तेदारों के सिर आधे मूंड़ दिये गये। ऐसा हुआ इसी 21 अक्टूबर को खुर्रमनगर के शहीद जियाउल हक पार्क क्षेत्र में।

लड़की का पिता मूलत: बाराबंकी का रहने वाला है, लेकिन उसने पार्क के पास ही कच्चा घर बनाया है ताकि वह सब्जियां बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी कर सके। उसने बेटी का रिश्ता कुछ माह पहले बाराबंकी के ही धौकलपुरवा के रहने वाले अब्दुल कलाम से तय किया। वह मुम्बई में जूस का धंधा करता है। तय तिथि पर अब्दुल 15० बारातियों के साथ निकाह के लिए आया, लेकिन निकाह से ऐन पहले पल्सर बाइक की जगह अपाचे बाइक और चार तोला सोने के हार मांगने लगा।

लड़की वालों ने अपनी विवशता बतायी पर उस पर कोई असर नहीं हुआ। दोनों पक्षों में बातचीत में तल्खी के बीच मेहर की बात उठ गयी। मेहर में 25 हजार रुपये की राशि तय थी। दूल्हा चाहता था कि निकाहनामे से इस शर्त को हटा दिया जाए। लड़की के पिता का कहना था कि जब वह करीब चार लाख रुपये का दहेज दे रहा है, तो उसके सामने 25 हजार रुपये मेहर कुछ नहीं है।

बातचीत के बीच दूल्हा बिना निकाह बारात वापस ले जाने लगा, तो लड़की पक्ष वालों का धैर्य जवाब दे गया। लड़की वालों ने दूल्हे, उसके भाई नूर उल सलाम और कुछ अन्य को बंधक बना लिया। इस बीच कोई उस्तरा ले आया, तो दूल्हे समेत चार लोगों के सिर आधे मूड़ दिये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल बंधकों को छुड़ाया। इंदिरानगर थाने ले जाये गये दोनों पक्ष आपस में तने रहे। दूल्हे की हरकत से क्षुब्ध दुल्हन ने भी निकाह करने से इनकार कर दिया।

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