पत्नी की याद में बनवाएंगे कुत्तों का अस्पताल

आपने लोगों को अपने दिवंगत परिजनों की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए इंसानों के अस्पताल, धर्मशाला, बाग-बगीचे आदि तो बनवाते सुना होगा, लेकिन क्या कभी जानवरों का हॉस्पिटल बनवाते सुना है। जी हां! हम सही सही कह रहे हैं। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी ने कुछ ऐसा ही करने का बीड़ा उठाया है।

पार्थ ने अपनी पत्नी की याद में कोलकाता में एक कुत्तों का अस्पताल बनवाने का ऐलान किया है। पार्थ का कहना है कि उनकी पत्नी ‘डॉग लवर’ थीं। ऐसे में पत्नी की याद को स्थायी बनाने के लिए कुत्तों के इलाज के अस्पताल बनवाने से बेहतर बात क्या हो सकती है। पार्थ की पत्नी का निधन कार्डियक अरेस्ट से पिछले साल हुआ था। पार्थ ने अस्पताल बनवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इस प्रस्तावित अस्पताल का नाम होगा बबली चटर्जी मेमोरियल पैट हॉस्पिटल। यह अस्पताल ट्रस्ट के जरिए संचालित होगा। मंत्री पार्थ का कहना है कि उनकी पत्नी सच्ची डॉग लवर थीं, वह उनकी बहुत देखभाल करतीं थीं। पार्थ की एक बेटी भी है, जो विदेश में रहती थी, लेकिन आजकल वह दक्षिण कोलकाता के घर में अपने छह पालतू कुत्तों के साथ रहती है।

इतना ही नहीं, मंत्रीजी भी जब सरकारी बैठकों से जब देर रात घर लौटते हैं तो उन्हें अपने बिस्तर जगह नहीं मिल पाती, क्योंकि तब तक घर के पालतू कुत्ते उनके बिस्तर पर कब्जा कर चुके होते हैं। ऐसे में चटर्जी साहब को फर्श पर सोना पड़ता है।

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