पिता को याद कर भावुक हुईं मशहूर सिंगर अल्का याग्निक, मुश्किल वक्त में ऐसे देते थे साथ

मुंबई: बॉलीवुड की कई फिल्मों में अपनी शानदार आवाज का जादू चलाने वाली मशहूर सिंगर अल्का याग्निक हाल ही में अपने पिता को याद कर भावुक होती हुई नजर आईं। अल्का याग्निक ने अपने पिता को याद करते हुए बताया कि जब उनके पिता गुजर गए थे और वो डिप्रेशन में चली गई थीं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया है कि वह कैसे इस सदमे से बाहर आईं। अल्का ने बताया कि उन्होंने डिप्रेशन से निकलने के लिए संगीत का सहारा लिया और इस दुखद परिस्थिति से खुद को बाहर निकाला।

अल्का इस समय टीवी के एक रियलिटी शो में जज की भूमिका निभा रही हैं। हाल ही में शो की एक प्रतियोगी रणिता बैनर्जी ने अल्का के गीत ‘ऐसा लगता है’ को इस तरह गाया कि अल्का इसे सुनकर भावुक हो उठी और अपने पिता को याद करने लगी। साथ ही अल्का ने अपने पिता के निधन का जिक्र करते हुए बताया कि मेरी गुरु तो मेरी मां थीं लेकिन मैं अपने पिता के ज्यादा करीब थी। जब मैंने उन्हें खो दिया, तब मैं डिप्रेशन में चली गई थी। मैंने घर से बाहर निकलने से भी मना कर दिया था।

अल्का ने आगे कहती हैं उसी दौरान अनु मलिक ने मुझे यह गाना ऑफर किया था। उन्होंने मुझसे कहा कि जब तक मैं गाने के लिए तैयार नहीं होती, तब तक वह इंतजार करेंगे। वह जानते थे कि मैं किन हालात से गुजर रही हूं। इसलिए वह मेरा हाल-चाल जानने के लिए अक्सर मुझसे मिलने आते थे और हर रोज मुझे फोन भी करते थे। आखिर जब मैंने यह गाना रिकॉर्ड किया तो उन चंद घंटों में मैं इस गाने में इस कदर डूब गई कि मैं अपनी व्यक्तिगत परेशानियां भूल गई। तब मेरी समझ में आया कि संगीत सही मायनों में उपचार भी करता है।

बता दें कि अल्का याग्निक ने अपने करियर की शुरूआत 14 साल की उम्र में अल्का ने फिल्म ‘पायल की झंकार’ के गाने ‘थिरकत अंग लचक झुकी’ गाने से अपना डेब्यू किया था। इसके बाद फिल्म ‘लावारिस’ के गाने ‘मेरे अंगने में’ ने अल्का को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचाया। वहीं फिल्म ‘तेजाब’ के गाने ‘एक दो तीन’ के लिए अल्का को पहली बार फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया।

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