गंगा की अविरलता के लिए निकली जन जागरण यात्रा, गंगा पूजन कर संतों ने दिखाई झंडी

वाराणसी। गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए गंगा समग्र (काशी प्रान्त) की ओर से शुक्रवार को दशाश्वमेध घाट से गंगा जन जागरण यात्रा निकाली गई। यात्रा गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, मैदागिन, गोलगड्डा, कज्जाकपुरा सारनाथ होते हुए गाजीपुर के लिए रवाना हुई। इसके पूर्व गंगा समग्र काशी प्रान्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गंगा प्रेमी प्रात: 6 बजे दशाश्वमेधघाट पर जुटे। जहां श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रधान अर्चक पं.श्रीकान्त मिश्र, सतुआ बाबा महामण्डलेश्वर सन्तोष दास, श्री अन्नपूर्णा मंदिर के मंहत रामेश्वरपुरी, स्वामी जगदीशानन्द की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन किया गया। इसके बाद चितरंजन पार्क से गंगा रथयात्रा को संतों ने सफेद झंडी दिखाकर रवाना किया।

गंगा समग्र न्यास काशी प्रान्त के संयोजक हरिओम ने बताया कि गंगा जनजागरण यात्रा की शुक्रवार से काशी से शुरुआत हुई है। यात्रा 18 मई तक गंगा के दोनो तटों से दो किमी के दायरे में पड़ने वाले विभिन्न ग्रामों एवं नगरों से होते हुए 18 मई को प्रयाग (इलाहाबाद) पहुंचेगी। यात्रा के समापन पर इलाहाबाद संगम तट पर लेटे हनुमान जी के मंदिर के सामने विशाल जनसभा भी होगी। सभा के बाद सायंकाल 6 बजे गंगा आरती के बाद प्रसाद वितरण कर यात्रा को विराम दिया जायेगा। बताया कि यात्रा का उद्देश्य लोगों में मां गंगा के प्रति निष्ठा,आस्था एवं श्रद्धा का जागरण करना हैं। यात्रा में प्रतिदिन गंगा घाटों की स्वच्छता, पूजन, गोष्ठी, गंगा आरती का कार्यक्रम भी होगा। गंगा पूजन और रथयात्रा निकलने के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रान्त प्रचार रमेश,सह प्रान्त प्रचारक मनोज, सेवा भारती के प्रान्त प्रमुख परमेश्वर, जिला प्रचारक उत्तर भाग अनुराग, राज्यमंत्री डा.नीलकंठ तिवारी, महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रामप्रकाश दूबे,सत्यनारायण पिपलवा, डा.हरेन्द्र राय, गंगा समग्र के प्रान्त सह संयोजक अमिताभ, विश्व संवाद केन्द्र के अम्बरीष आदि की खास उपस्थिति रही।

ये है यात्रा मार्ग

गंगा जनजागरण यात्रा में दो रथों के जरिये गंगा की अविरलता का अलख जगाया जायेगा। यात्रा में शामिल पहला रथ वाराणसी, नरायणपुर से शेरपुर सायंकाल 6 बजे पहुंचेगा। यहां गंगा आरती के बाद गौसपुर में रात्रि विश्राम होगा। गंगा समग्र के प्रान्त सह संयोजक अमिताभ ने बताया कि यात्रा दुसरे दिन शनिवार को गौसपुर से गाजीपुर पहुंचेगी। यहां से सैदपुर होते हुए वापस मारकंडे महादेव आयेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद रविवार को काशी उत्तर,शूल टंकेश्वर होते हुए बेटाबर घाट रोहनिया में रात्रि विश्राम करेगी। फिर सोमवार को यात्रा यहां से ईटवाघाट भदोही होते हुए भवानीपुर पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन मंगलवार को रामपुर सेमराघाट,सीतामढ़ी होते हुए लाक्ष्यागृह पहुंचेगी। यहां विश्राम के बाद यात्रा रसूलाबाद के लिए निकलेगी।

अगले दिन फिर यात्रा शंकरघाट से शुरू होकर 18 मई को संगम तट इलाहाबाद में विराम लेगी। इसी तरह दुसरा रथयात्रा आज से शुरू हुई जो गहमर गाजीपुर होते हुए कामाख्या पहुंचेगीं। यहां रात्रि विश्राम के बाद यात्रा मेदिनीपुर,जमनियां होते हुए चहनिया चन्दौली पहुंचेगी। यहा यात्रा विश्राम लेने के बाद अगले दिन चहनिया रामनगर,चुनार होते हुए कठिनई आश्रम पहुंचेगी। तीसरे दिन यात्रा यहां से मिर्जापुर होते हुए विन्ध्याचल पहुंचेगी। यहां से शिरसा मवैया होते हुए यात्रा संदीपनि घाट पहुंचेगी। अगले दिन यात्रा भरवारी,मंझनपुर से कड़ेधाम पहुंचेगी । फिर अगले दिन यात्रा माधव ज्ञान मंदिर से अरैल पहुंचकर विश्राम लेगी। अगले दिन 18 मई को यात्रा यहां से शुरू होकर संगम तट पहुंच कर विराम लेगी। बताया कि दोनों यात्राओं के दौरान गोष्ठी, पौधरोपण, कार्यकता सम्मान कार्यक्रम भी होगा। विश्राम स्थल पर चलचित्र की भी व्यवस्था रहेगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper