केरल लव जिहाद मामला : सुप्रीम कोर्ट ने हादिया-शफीन की शादी को किया बहाल

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : केरल के चर्चित लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का ऑर्डर रद्द कर दिया है। कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा कि हादिया और शफीन जहां पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे। हाईकोर्ट ने उनकी शादी रद्द कर दी थी। आखिला अशोकन ने उर्फ हादिया ने दिसंबर 2016 में मुस्लिम युवक शफीन से शादी की थी। लड़की के पिता एम अशोकन का आरोप था कि यह लव जिहाद का मामला है। उनकी बेटी का जबर्दस्ती धर्म बदलवाकर शादी करवाई गई है।
इससे पहले चीफ जस्‍टिस दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने एनआइए के वकील मनिंदर सिंह से हदिया विवाह मामले में बिना किसी हस्‍तक्षेप के जांच जारी रखने को कहा था। जिसके जवाब में मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जांच लगभग पूरी हो गई है। केरल धर्म परिवर्तन मामले में हदिया के पिता ने हलफनामा दायर किया। हदिया के पिता अशोक के वकील ए. रघुनाथ ने कहा कि हदिया उर्फ अखिला का ब्रेनवॉश कर उसको बहलाया गया है। इससे पहले हदिया ने हलफनामा डाल कर सुप्रीम कोर्ट से अपील कर कहा था कि वह मुसलमान है और मुसलमान के तौर पर ही जिंदगी जीना चाहती है। इसके बाद कोर्ट ने उसके पिता, एनआईए और दूसरे पक्ष को जवाब दाखिल करने को कहा था।

क्या है मामला
24 साल की हिंदू लड़की हदिया ने मुस्लिम लड़के शाफिन जहां से शादी करने के बाद धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया था जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। पिछले साल मई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बाद केरल हाई कोर्ट ने इस शादी को रद्द कर दिया था। इस पर हाई कोर्ट ने कहा था कि हदिया का दिमाग भरा गया है और मानसिक किडनैपिंग का शिकार हुई है। जिसके बाद हाई कोर्ट ने हदिया को उसके पिता के हिरासत में देते हुए कहा था, ‘भारतीय परंपरा के अनुसार अविवाहित महिला का घर उसके मां-बाप के पास होता है जब तक वह शादीशुदा न हो जाय।’ हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए हदिया के पति शाफीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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