KGMU का इम्प्लांट डिजाइनिंग प्रॉजेक्ट टॉप-10 में

लखनऊ: ब्रिटिश काउंसिल ने केजीएमयू की डेंटल फैकल्टी के इम्प्लांट डिजाइनिंग प्रॉजेक्ट को दुनियाभर के टॉप-10 प्रॉजेक्ट में चुना है। ओरल ऐंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की प्रो. दिव्या मेहरोत्रा को पिछले साल अप्रैल में यह प्रॉजेक्ट मिला था। वह इस पर कार्डिफ मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी की टीम के साथ काम कर रही हैं। इसके तहत ऐसे इम्प्लांट बनाए जा रहे हैं, जिससे मरीज का पूरा जबड़ा एक बार में लगाया जा सकेगा।

प्रो. दिव्या मेहरोत्रा ने बताया कि प्रॉजेक्ट के लिए ब्रिटिश काउंसिल और केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस ऐंड टेक्नॉलजी से फंडिंग दी जा रही है। इसके तहत यूके के तीन वैज्ञानिक पिछले साल सितंबर में केजीएमयू आए थे। इसके बाद यहां से चार सदस्यों की टीम यूके गई थी। टॉप-10 में यह प्रॉजेक्ट चुने जाने के बाद अब इंडिया से एक टीम यूके जाएगी और इस पर आगे काम करेगी।

प्रो. दिव्या ने बताया कि इम्प्लांट डिजाइनिंग प्रॉजेक्ट के तहत केजीएमयू में अब पूरा जबड़ा लगाना संभव हो गया है। पहले हम इंप्रेशन मटीरियल से जबड़े की नाप लेते थे। फिर हड्डी या प्लेट के माध्यम से जबड़ा सेट करते थे। वहीं, इस प्रॉजेक्ट के तहत मरीजो के जबड़ों के इंप्रेशन लेकर उसे स्कैन किया और यूके भेज दिया। वहां से डिजाइन कर भेजे गए मेटल के इम्प्लांट मरीजों को लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों में इंट्रा ओरल स्कैनर आ जाएगा। इससे इंप्रेशन मटीरियल से नाप लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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