Nirbhaya Case: 1 फरवरी को तय है चारों दोषियों की फांसी; अब तक नहीं बताई अंतिम इच्छा

नई दिल्ली: निर्भया मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी डेथ वारंट के मुताबिक, आगामी 1 फरवरी को सुबह 6 बजे दिल्ली की तिहाड़ जेल संख्या-3 में चारों दोषियों को फांसी दी जानी है। इसके लिए जेल में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फिलहाल अंतिम चरण में हैं। फांसी की प्रक्रिया की अंतिम कड़ी में 30 जनवरी को जल्लाद पवन मेरठ से आ रहा है। उसके लिए तिहाड़ की सेमी ओपन जेल में पवन के ठहरने के लिए तिहाड़ जेल ने अभी से पूरी व्यवस्था कर दी है। इसके लिए 3 कैदियों को अन्य जेल में शिफ्ट किया गया है और फिर इसी जेल में यानी सेमी ओपन जेल में पवन तीन दिन तक रहेगा। इसी के साथ कैंपस की कैंटीन में ही खाना खाएगा।

इस बीच खबर आ रही है कि चारों दोषियों अक्षय सिंह ठाकुर, मुकेश कुमार सिंह, विनय कुमार शर्मा और पवन गुप्ता में से किसी ने अपनी अंतिम इच्छा को लेकर जिक्र नहीं किया है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों चारों ने अपने-अपने परिजनों से मुलाकात के दौरान भी किसी भी इच्छा का जिक्र नहीं किया है। नियमों के मुताबिक, फांसी की सजा पाए दोषियों को यह चुनने की अनुमति देते हैं कि वे परिवार के किस सदस्य को आखिरी बार और कब मिलना चाहते हैं? इसी के साथ यह बताने के लिए भी कहा जाता है कि क्या वे अपनी संपत्ति किसी को भी देना या फिर किसी के लिए छोड़ना चाहते हैं?

तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक, चारों दोषियों मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता अंतिम इच्छा और संपत्ति को लेकर चुप हैं। वहीं, तिहाड़ जेल प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में हो सकता है चारों अपनी अंतिम इच्छा के बारे में बता दें। यहां पर बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में छह दरिंदों (राम सिंह, एक नाबालिग, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता) ने निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया था। इस दौरान दरिंदों ने निर्भया को इस कदर शारीरिक प्रताड़ना दी कि कुछ दिन अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया था।

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