OLX पर विज्ञापन देने वालों को ठगने का नया ट्रेंड, BHIM व PHONE Pay ऐप से हो रही है ठगी

अगर आप OLX पर पुराने सामान को बेचने के लिए डाल रहे हैं तो सावधान हो जाइए। आजकल जालसाज खासतौर पर 5000 रुपए से ज्यादा कीमत का सामान डालने वाले को ठगने के लिए फोन जरूर कर रहे हैं। ऐसे में हो सकता है कि आपके विज्ञापन डालते ही जालसाज को फोन आ जाए और कुछ देर तक कीमत में जानबूझकर कम कराकर खुद को असली खरीदार बताने का प्रयास करे। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर से लिंक पेटीएम, यूपीआई, भीम ऐप या फोन-पे (#Paytm, #UPI #BHIM app #Phonepay) या अन्य ऐप के जरिए आपको तुरंत पैसे भेजने का झांसा दे दे। इसके बाद जालसाज की तरफ से पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर भेजे गए मैसेज को रिसिव करते ही आपके ही बैंक अकाउंट से तुरंत पैसे निकल लिया जाता है।

OLX पर यह नया ट्रेंड हुआ है शुरू, रहें अलर्ट

OLX पर जालसाजी का नया ट्रेंड सामने आया है। जालसाज अब OLX पर विज्ञापन देने वाले से सामान खरीदने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इसके लिए जालसाज बड़ी ही चालाकी से लोगों के डिजिटल फ्रेंडली नहीं होने का फायदा उठा रहे हैं। इसके लिए खासतौर पर भीम ऐप और फोन-पे ऐप के जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। दरअसल, लोगों के दिए विज्ञापन को देख जालसाज सामान खरीदने के नाम पर झांसे में लेकर एडवांस पैसे भेजने के नाम पर सेंड मनी की जगह रिक्वेस्ट मनी का मैसेज भेजते हैं और जल्दबाजी में लोग उसे क्लिक कर देते हैं। जिसकी वजह से उनके फोन से अटैच बैंकिंग अकाउंट से सेकेंडों में पैसे ट्रांसफर हो जा रहा है।

जानें कैसे हो रही है ठगी 

दिल्ली में रहने वाले तुषार ने पुराने बेड को बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया हुआ था। उसे देखकर पार्थ बड़ोला नामक एक शख्स ने बेड खरीदने ले लिए फोन पर संपर्क किया था। इसके बाद 5 हजार रुपये देकर बेड खरीदने पर हामी भर दी थी। फोन पर बात करते हुए ही जालसाज ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए तुषार से यूपीआई भीम ऐप या फोन-पे ऐप से लिंक फोन नंबर के बारे में पूछ लिया। इस पर तुषार ने बताया कि जिस नंबर से बात हो रही है उसी को फोन-पे से लिंक किया हुआ है। इसके बाद जालसाज ने पैसे ट्रांसफर करने का झांसा दे दिया। फोन पर बात करते हुए पैसे ट्रांसफर करने के लिए फोन-पे की तरफ से भेजे गए रिक्वेस्ट को स्वीकार करने के लिए कह दिया। उसी दौरान आए मैसेज में 5000 रुपए ट्रांसफर होने का मैसेज देखकर तुषार ने तुरंत ओके कर दिया और फिर जालसाज के कहने पर बैलेंस चेक करने के लिए पिन नंबर भी डाल दिया। जिसके बाद तुषार के अकाउंट से ही 5 हजार रुपए जालसाज के खाते में ट्रांसफर हो गए।

अंग्रेजी वाले मैसेज को ध्याान से नहीं पढ़ने के चलते आ रही है दिक्कत

साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन बताते हैं कि लोगों की लापरवाही से जालसाजों का मनोबल बढ़ रहा है। दरअसल, मोेबाइल से लिंक होने वाले बैंकिंग ऐप जैसे भीम या फोन-पे या पेटीएम पर भी सेंड मनी और रिक्वेस्ट मनी के दो ऑप्शन होते हैं। अगर किसी को पैसे सेंड करना है तो उसके लिए कोई मैसेज भेजने की जरूरत ही नहीं होती है। इसके बजाय पैसे सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। वहीं, रिक्वेस्ट मनी में ही  पूछा जाता है कि आपके बैंक अकाउंट से पैसे डेबिट किया जाना है। मगर लोग इस बारीकी को समझ नहीं रहे हैं। ऐसे में जालसाज फोन पर बात करते हुए रिक्वेेस्ट मनी भेजकर और बैलेंस चेक कराने के नाम पर पिन नंबर डलवाकर ठगी कर ले रहे हैं।

लुभावने स्कीम के साथ वायरस का लिंक भेज कर रहे हैं ठगी

साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल बताते हैं कि इस तरह के मामले में जालसाज आपके यूपीआई या फोन बैंकिंग वाले नंबर का पहले पता लगा लेते हैं। इसके बाद उस पर कोई लुभावने मैसेज या अन्य कोई ट्रांजैक्शन का लिंक भेज देते हैं। उस लिंक पर क्लिक करते ही वायरस के जरिए फोन की पूरी डिटेल अपने सिस्टम पर सेव कर लेते हैं। इसके बाद फोन बैंकिंग वाले ऐप से ट्रांजेक्शन कर लेते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  •  जिस फोन नंबर से आपका बैंकिंग अकाउंट जुड़ा हो, उस पर आए किसी मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
  • पैसों के लेनदेन के लिए आए मैसेज को ध्यान से पढ़ें क्योंकि उसमें अंग्रेजी मेें पैसे डेबिट होने की बात होती है।
  • अगर आप ओएलएक्स पर कोई सामान का विज्ञापन देते हैं तो अपने नंबर को हाइड रखें।
  • अगर कोई बात करनी है तो वॉट्सऐप पर चैट करने के बजाय कोशिश करें कि ओएलएक्स ऐप पर ही चैट हो।
  • अगर फोन बैंकिंग नंबर दें तो जरूर ध्यान रखें कि पैसे मंगाते समय रिक्वेस्ट मनी मैसेज की जरूरत ही नहीं होती है।
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