पत्रकार मर्डर केस में राम रहीम को उम्रकैद

पंचकूला: इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए जज जगदीप सिंह बैस ने सजा सुनाई। सीबीआई ने राम रहीम को फांसी की सजा देने की मांग की थी। कोर्ट ने बीते शुक्रवार को राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और किशन लाल को दोषी करार दिया था। राम रहीम इस वक्त दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। आज सभी दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होगी।

क्या है पूरा मामला

2002 में पत्रकार छत्रपति के समाचार पत्र ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था जिसमें यह बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम किस प्रकार महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके बाद छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण पत्रकार की बाद में मौत हो गई थी। सजा के ऐलान को देखते हुए पंचकूला में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

आरोप लगा था कि गोली डेरा अनुयायियों ने मारी गोली मार दी थी। 2002 के इस मामले में गुरमीत राम रहीम को मुख्य षड़यंत्रकर्ता नामित किया गया है। 2003 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले को 2006 में सीबीआई को सौंप दिया गया था। जुलाई 2007 को सीबीआई ने चार्जशीट पेश की और साल 2014 में सबूतों पर कोर्ट में बहस शुरू हुई, फिर ऐसा करते-करते ये केस इस अंजाम तक पहुंचा है।

हिंसा भड़कने का डर

मंगलवार को हरियाणा सरकार ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर सजा की सुनवाई के दौरान राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने की मांग की थी। सरकार ने दलील दी थी कि 25 अगस्त 2017 को जब डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में लाया गया था तो डेरे के समर्थकों ने दंगा कर दिया था। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुनाने की मांग मंजूर कर ली। इसके बाद सुनारिया जेल में अस्थाई कोर्ट बनाने का आदेश दिया गया।

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