नहीं रहे प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गिरीश मिश्र, 80 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

नई दिल्ली: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. गिरीश मिश्र का शुक्रवार को मध्य रात्रि के बाद यहाँ निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। तीस दिसम्बर 1939 को बिहार के मोतिहारी में जन्मे श्री मिश्र कई वर्षों से बीमार चल रहे थे। बीस दिन पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। श्री मिश्र ने स्कूली शिक्षा बिहार के मोतिहारी में पूरी की थी और फिर पटना विश्विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली आये और यहां के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की उपाधि हासिल की। उनके परिवार में दो बेटे हैं।

श्री मिश्रा प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी विभूति मिश्र के पुत्र थे जो 1952 में पूर्वी चंपारण से लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। श्री मिश्रा ने अंग्रेजी में अर्थशास्त्र पर 20 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं जिनमे नेहरू और कांग्रेस की आर्थिक नीतियों तथा लोहिया पर लिखी किताबें भी शामिल हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से रीडर के पद से लगभग 20 साल पहले सेवा निवृत्त हुए थे और स्वतंत्र लेखन कर रहे थे। उनके स्तम्भ अंग्रेजी के सभी बड़े अखबारों में वर्षों से प्रकाशित हो रहे थे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध लेखक बाल्जाक पर भी एक किताब लिखी है।

इसके अलावा भारत का आर्थिक इतिहास भी लिखा है। उनका अंतिम संस्कार आज शाम साढ़े चार बजे लोदी रोड़ स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा। श्री मिश्र भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैद्धिक नेता थे लेकिन अपने विचारों के कारण पार्टी से निकाले गए, तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें कांग्रेस में शामिल कर लिया था। श्री मिश्र कामरेड पी. सी. जोशी के शिष्य और सी. राजेश्वर राव के मित्र थे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper